December 8, 2022

उत्तराखंड जन

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dehradun mayor gama

देहरादून मेयर की बेटी की नियुक्ति विवादों में, नेगी दा का ये गीत हुआ वायरल..

खबर के अंत में देखें वायरल वीडियो..

(उत्तराखंड जन): उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों की चाह रखने वाले युवा लम्बे समय से प्रदेश के खाली पदों को भरे जाने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में तैयारी कर रहे युवा लम्बे समय से भर्तियाँ नहीं होने से खासे निराश हैं। उत्तराखंड में कुछ भर्तियाँ हुईं भी तो कभी कोर्ट में लंबित होने के चलते, तो कभी परीक्षा में धांधली और कभी बार-बार बदले नियमों को लेकर लटकती रही। इस बीच बची-खुची कसर कोरोना महामारी ने पूरी कर दी।

बेरोजगारों ने उठाये सवाल- क्या सिर्फ मेयर की बेटी योग्य?

कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार ने फिलहाल नई भर्तियों पर रोक लगा रखी है और पहले से हो रही भर्ती प्रक्रियाओं पर कोरोना का साया है, जिससे ये भी संपन्न नहीं कराई जा रही हैं। इस बीच देहरादून के मेयर की बेटी श्रेया उनियाल को भारतीय चिकित्सा परिषद में नौकरी दिए जाने की खबर से जमकर विवाद हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि कोरोना काल में लोगों की नौकरियां जा रही हैं। नई नियुक्तियां हो नहीं रहीं। बेरोजगार घर पर बैठे हैं, ऐसे मुश्किल वक्त में देहरादून के मेयर ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बेटी को भारतीय चिकित्सा परिषद में लेखाकार के पद पर नियुक्ति दिला दी।

मेयर सुनील उनियाल गामा ने दी सफाई

वहीं इसको लेकर मेयर सुनील उनियाल गामा का कहना है कि, भर्ती निकली थी और बेटी ने आवेदन किया था। मेरी तरफ से कोई सिफारिश नहीं की गई है। साथ ही नियमों का कहीं से भी कोई उल्लंघन नहीं किया गया है।

आम आदमी पार्टी ने उठाये सवाल

इस पर आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि, एक ओर प्रदेश में जहां संदीप जैसे नौजवान बेरोजगारी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री के कुछ करीबियों को इस तरह से बैकडोर से नौकरी दी जा रही है। सवाल यह उठता है कि पीआरडी ने किसके दबाव में सिर्फ सुनील उनियाल गामा की बेटी का नाम भेजा, जबकि पीआरडी में भी सैकड़ों की संख्या में बेरोजगार पंजीकृत हैं।

लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी का गीत वायरल

वहीं इसे लेकर अब सोशल मीडिया पर लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी का एक गीत वायरल हो रहा है, इस विवाद पर इस गीत को फिट किया गया है। अपने हर गीत में एक ख़ास संदेश देने वाले नेगी दा ने इस गीत के जरिये भाई-भतीजावाद (Nepotism) जैसे मुद्दों पर तंज किया है। इस गीत में जनता और नेता का संवाद दिखाया गया है। जहां जनता कहती है कि, पढ़-लिख कर हमारे बच्चे बेरोजगार बैठे हैं, उनका भी ख्याल रखना। इसके जवाब में नेता जी कहते हैं पहले अपनों को नौकरी पर लगाऊंगा। वहीं इस गीत में मेयर गामा की बेटी की नियुक्ति की खबर का भी स्क्रीनशॉट लगाया गया है। इसके साथ ही इससे पहले इसी तरह का विवाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे को लेकर भी हुआ है, जब उनकी नियुक्ति जल संस्थान में की गई। इसका भी स्क्रीनशॉट इसमें लगाया गया है।

देखें ये वीडियो:

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