December 1, 2022

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पंचतत्व में विलीन हुए हिंदुस्तान के सपूत सीडीएस बिपिन रावत, 17 तोपों से दी गई सलामी

नई दिल्ली: हिंदुस्तान के सपूत सीडीएस जनरल बिपिन रावत आज पंचतत्व में विलीन हो गए। आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान श्मशान भूमि परिसर में मौजूद लोगों की नम आंखों के साथ ही पूरा हिंदुस्तान अपने इस बहादुर आफिसर को आखिरी बिदाई दे रहा था। उन्हें 17 तोपों की सलामी भी दी गई। सीडीएस रावत और उनकी पत्नी को उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी ने मुखाग्नि दी।

हेलीकाप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले सेना के सबसे बड़े अधिकारी चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत व उनकी पत्नी मधुलिका का पूरे सैन्य सम्मान के साथ दिल्ली कैंट के बरार स्क्वायर स्थित श्मशान भूमि में शुक्रवार शाम पांच बजे अंतिम संस्कार किया गया। “जब तक सूरज चांद रहेगा, बिपिन जी का नाम रहेगा…” अमरता के इन नारों और 17 तोपों की सलामी की गूंज के बीच देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत पंचतत्व में विलीन हो गए।

दोपहर दो बजे दिल्ली के 3, कामराज मार्ग स्थित उनके घर से निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग हमसफर बने। आंखें नम थीं, लेकिन वीरता का गर्व भी था और उसके सम्मान में पुष्पवर्षा करते रहे। मां भारती के वीर सपूत के लिए नारे लगाते रहे। जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के शव भी एक साथ ही चिता पर रखे गए थे। इस मौके पर जनरल बिपिन रावत के छोटे भाई का परिवार, मधुलिका रावत की फैमिली के लोग भी मौजूद थे।

इस दौरान बड़ी संख्या में सैनिकों के परिवार, राजनीतिक हस्तियां, कई देशों के सेनाध्यक्ष और राजनियक भी मौजूद थे। जनरल बिपिन रावत किस कद के सैन्य अधिकारी थे, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इजरायल, अमेरिका, फ्रांस और रूस समेत कई देशों ने उनकी मौत पर शोक जाहिर किया। यही नहीं उनके निधन को अपने एक गहरे दोस्त को खोने जैसा बताया था।

तमिलनाडु के नीलगिरि जिले के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में बुधवार को दोपहर 12:08 बजे  सीडीएस जनरल बिपिन रावत, पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अफसरों की मौत हो गई थी। विमान में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से एक विंग कमांडर वरुण सिंह ही जीवित हैं और उनकी हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। पूरा देश उनके लिए दुआएं मांग रहा है। हादसे के बाद गुरुवार शाम को जनरल बिपिन रावत समेत सभी सैनिकों के शवों को दिल्ली लाया गया था और सुबह जनरल रावत और उनकी पत्नी का शव 3, कामराज मार्ग स्थित उनके घर पर पहुंचा था। सुबह से ही उनके घर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाली हस्तियों और आम लोगों का तांता लगा रहा।

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