December 1, 2022

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देश के लिए बुरी खबर, तमिलनाडु हेलिकॉप्टर हादसे के एकमात्र जिंदा बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का निधन, हादसे की वजह का खुलासा होने की बड़ी उम्मीद भी टूटी

नई दिल्ली: देश के लिए एक दुखद खबर है। बीते दिनों सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ हेलिकॉप्टर में सवार ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का भी निधन हो गया है। तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए इस दर्दनाक हादसे में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ही एक मात्र जीवित बचे सैन्य अधिकारी थे। उन्हें बचाने के तमाम प्रयास किए गए, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशें बेकार साबित हुईं और आज बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते सप्ताह तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में उनका शरीर 90 फीसदी से ज्यादा जल चुका था और उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। हाल ही में उन्हें इलाज के लिए चेन्नै से बेंगलुरु के सैन्य अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। पूरे एक सप्ताह तक डॉक्टर उनके जीवन को बचाने के लिए मशक्कत करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का निधन देश के लिए बड़े दुख की खबर है। इसके साथ ही चॉपर क्रैश की वजह पता चलने की एक बड़ी उम्मीद भी टूट गई है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के चॉपर को वरुण सिंह ही उड़ा रहे थे। माना जा रहा था कि यदि वह उबर जाते हैं तो हादसे कैसे हुआ, इस बारे में वह बता सकेंगे। लेकिन उनके निधन ने इस उम्मीद को भी तोड़ दिया है।

गौरतलब है कि, बीती 8 दिसंबर को क्रैश हुए एमआई17 वी5 हेलीकाप्टर हादसे में CDS जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य कर्मियों की जान चली गयी थी। हादसे में जान गवाने वालों में रावत और उनकी पत्नी के अलावा ब्रिगेडियर एल. एस. लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर पी. एस. चौहान, स्क्वॉड्रन लीडर के. सिंह, जेडब्ल्यूओ दास, जेडब्ल्यूओ प्रदीप ए., हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक साइ तेजा शामिल हैं।

जबकि घायल अधिकारी सिंह बेंगलुरु में उपचार चल रहा था। इस वो एक मात्र जीवित बचे थे। उनका इलाज कमांड अस्पताल, बेंगलुरु में चल रहा था, जहां उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। वह बुरी तरह से झुलस चुके थे और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। लेकिन अब उनकी भी मौत ने देश को बड़ा आघात दिया है।ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन के बाद इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

भारतीय वायुसेना ने ट्वीट कर कहा कि यह बताते हुए काफी दुख हो रहा है कि ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का इलाज के दौरान आज निधन हो गया है। वो 8 दिसंबर 2021 को हुए हादसे में अकेले जीवित बचे थे। एयरफोर्स उनके निधन पर संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।

वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा,‘ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ने गर्व, पराक्रम और अत्यंत पेशेवराना अंदाज में देश की सेवा की। उनके निधन से मुझे अत्यंत दुख पहुंचा है। देश के लिए उनकी सेवा को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को गणतंत्र दिवस 2021 के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। उन्होंने साल 2020 में आपात की स्थिति में अदम्य साहस और कौशल का प्रदर्शन करते हुए तेजस लड़ाकू विमान की सुरक्षित लैंडिग कराया था, जिसके चलते वरुण सिंह शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

वरुण सिंह देवरिया के कन्हौली गांव के रहने वाले हैं। वह मूलरूप से फाइटर पायलट हैं। साल 2007 से 2009 तक उनकी गोरखपुर में पोस्टिंग रही है। वह जगुआर फाइटर प्लेन उड़ाते रहे हैं। गोरखपुर से उनका हैदराबाद तबादला हुआ था। इन दिनों तमिलनाडु के वेलिंगटन में तैनाती है। वेलिंगटन स्थित डिफेंस एकेडमी के कार्यक्रम में सीडीएस रावत को हिस्सा लेना था, कैप्टन उनके साथ जा रहे थे, लेकिन पहले ही हादसा हो गया।

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