कोटद्वार। मूल निवास 1950 को लेकर मूल निवास संघर्ष समिति के सदस्यों ने कोटद्वार में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस की अध्यक्षता पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह रावत ने की। उन्होंने बताया कि गढ़वालियों ने देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन अर्पित किया है, भारत के सभी नागरिक एक हैं, मगर भारत के नागरिकों को उनके प्रदेशों में विशिष्ठ अधिकार भी प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि अविभाजित उत्तर प्रदेश में हमारा मूल निवास वर्ष 1950 के आधार पर बनता था । उत्तराखण्ड बनने के बाद मूल निवास में धीरे धीरे बदलाव कर इसे समाप्त कर दिया गया, मगर हमारे हितों की लड़ाई लड़ने वाले हमारे ही नेताओं ने इसकी खिलाफत नहीं की। इसलिए आज हमें अपने ही राज्य से पलायन करने पर विवश होना पड़ रहा है। इसलिए मूल निवास 1950 हमारी अस्मिता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर पूर्व सैनिक अनुसूया प्रसाद सेमवाल ने कहा कि हमने भारत माता की सेवा की है और हम अपनी अगली पीढ़ी को मझधार में नहीं छोड़ सकते, उनका वाजिब हक उनको मिलना चाहिए। एडवोकेट अनिल खंतवाल ने कहा कि जैसे हमने राज्य आंदोलन की लड़ाई लड़ी वैसे ही अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रेस कांफ्रेंस को मोहित डिमरी, राम कंडवाल, प्रमोद काला, परमेंदर रावत आदि ने भी संबोधित किया। प्रमोद काला ने बताया कि महारैली रविवार 18 फरवरी को कोटद्वार में मूल निवास 1950 को लेकर सुबह दस बजे देवी मंदिर से प्रारंभ होकर लालबत्ती चौक, बद्रीनाथ मार्ग, झंडाचौक से होते हुए मालवीय उद्यान पर समाप्त होगी ।

More Stories
एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किए गए अवैध निर्माण पर चली सीलिंग की कार्रवाई
मुख्यमंत्री धामी के अनुरोध पर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग कैप्टन अजय पंत प्रकरण में कर रहा सतत निगरानी
महिला चिकित्सकों के सशक्तिकरण की दिशा में पहल, एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुई “कार मॉड्यूल” कार्यशाला