टिहरी: टिहरी जिले के आखिरी गांव गंगी में सोमेश्वर महादेव का मंदिर है। इस मंदिर में हर साल ऐसा अनोखा मेला लगता है, जिसे देखने के लिए देशभर से लोग पहुंचते हैं। मेले को देखने के लिए सैलाब उमड़ पड़ता है। यह मेला इसलिए खास है क्योंकि इसमें भेड़ों का मेला आकर्षण का केंद्र होता है। मेले का आयोजन कई सालों से होता आ रहा है।
यह मेला अनोखा इसलिए है कि यहां भेड़-बकरियां मंदिर की परिक्रमा करती हैं। आराध्य देव सोमेश्वर महादेव का आशीर्वाद पाने और अपनी भेड़ों की सुरक्षा के लिए यह मेला होता है। भेडें़ मंदिर की परिक्रमा करती हैं। मेले में गांव का हर भेड़ पालक शामिल होता है। इस दौरान ढोल-दमाऊ की थाप पर सोमेश्वर महादेव की डोली भी नृत्य करती और भेड़ पालकों व ग्रामीण को आशीर्वाद देती है।
गांव के लोगों का रहन-सहन और वेशभूषा आज भी वैसे ही है, जैसे पहले हुआ करती थी। गंगी गांव के ईष्टदेव सोमेश्वर महादेव के प्रांगण में हर तीसरे वर्ष भेड़ कौथिग का होता है। हजारों की संख्या में भेड़-बकरियों को मंदिर के चारों ओर घुमाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां गांव में अभी भी देव शक्ति है। यह देखने विदेशों से भी लोग यहां पहुंचते हैं।

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