देवाल (चमोली)। चमोली जिले के देवाल विकास खंड के दूरस्थ गांव बलाण में इस हाईटेक युग में अभी तक मोटर सड़क नहीं बनने से गांव के रोगियों को डंडी से पांच किलोमीटर पैदल चल कर अस्पताल पहुंचाना नियति बन गई है। मंगलवार को भी गांव निवासी 18 वर्षीय सूरज कुमार पुत्र नैन राम की तबीयत अचानक खराब होने पर उसे ग्रामीणों ने कुर्सी पर डंडे बांध कर डंडी बनाई और पांच किलोमीटर रास्ते से पैदल चलकर काली ताल रोड तक पहुंचा। जहां से 108 सेवा से देवाल अस्पताल पहुंचाया गया।
गांव के निवर्तमान उप प्रधान विरेन्द्र राम चमोली ने बताया है कि काली ताल से बलाण के लिए मोटर सड़क स्वीकृत है, लेकिन कार्यदाई संस्था पीएमजीएसवाई की लापरवाही से अभी तक सडक का काम शुरू नहीं हो पाया है, वहीं 14 सितम्बर 2024 को काली ताल मोटर पुल के एप्रोच मार्ग का पुस्ता टूट गया था, लेकिन विभाग ने अभी तक पुस्ता नहीं लगता है। 12 जनवरी को भी गांव की गर्भवती महिला को पैदल अस्पताल पहुंचाया है। गांव के रोगियों को आए दिन डंडी में पैदल अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों की नियति बन गई है। गांव तक सड़क बनने का इंतजार है। जिसको लेकर ग्रामीणों में सरकार के प्रति नाराजगी है। मंगलवार को सूरज को डंडी से गांव के दिनेश कुमार, विरेन्द्र राम, मुकेश कुमार, जयबीर राम, महिपाल राम, मदन राम, विमला देवी, गबर राम ने डंडी से अस्पताल पहुंचाया है।
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