देहरादून : आज के समय में मीडिया समाज की धारणा बदलने में सशक्त भूमिका निभा रहा है। भूमंडलीकरण के समय अत्यधिक खुलापन आने से ज्ञान और सूचनाओं के आदान प्रदान से विकास की संभावनाएं खुली है। उप निदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव ने IMS Unison University Dehradun में पत्रकारिता विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में विचार व्यक्त किया। उन्होने कहा मीडिया में टेकनॉलाजी के बढते प्रयोग से जहा लोगों कि परम्परागत धारणाएं बदली है, वही पर मीडिया की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
कार्यशाला में कहा गया नैतिक मूल्यों का पतन, अपसंस्कृति का प्रसार के साथ धर्म और संस्कृति की व्याख्या लोग अपनी सुविधानुसार कर रहे है। ऑनलाइन गेमिंग की समस्याए एक नई चुनौती बनकर आई है, और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पूरी दुनिया परेशान है। इन सब में मीडिया की बड़ी भूमिका है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण लोगों की क्रिएटिविटी समाप्त होने के साथ मानवीय संवेदनाएं लुप्त होने लगी है। सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया ने हमारे नवजवानों की धारणा बदलने में विशेष कारक है। आज युवा वर्ग का अधिकांश समय स्क्रीन टाइम पर व्यतीत हो रहा है। इन सभी समस्याओं का समाधान भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और योग में निहित है। इस दौरान प्रो-वाइस चान्सलर संतोष कुमार, रजिस्ट्रार प्रणव कुमार, समन्वयक नीरज खत्री, स्पनिल सिन्हा इत्यादि थे।

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