चमोली : जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने गुरुवार को स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा)की बैठक ली। जिसमें प्राकृतिक जल स्रोत नौले-धारे और नदियों के जल संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में समिति की ओर से 09 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि वन, सिंचाई और पेयजल विभाग मिलकर जनपद में जल संवर्धन के लिए चिन्हित जल स्रोतों के पूरे क्षेत्र का तकनीकी सर्वेक्षण करते हुए ठोस योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करें। जल संस्थान, जल निगम गोपेश्वर को 3 दिन में प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन योजनाओं में कार्य प्रारम्भ हो चुके हैं अगली बैठक में फोटोग्राफ्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और सारा के नोडल अधिकारी अरविंद सिंह नेगी ने बताया कि जिला सारा समिति को आवंटित 2 करोड़ की धनराशि में से सहायक नदियों और गदेरों के रिज्यूविनेशन के लिए 91.33 लाख की योजनाओं को धनराशि आवंटित की जा चुकी है। बताया कि 1 करोड़ से उपर की 2 बडी परियोजनाएं केदारनाथ वन प्रभाग के अन्दर सूगी गदेरा व मोथूगाड के लिए डीपीआर गठन की प्रक्रिया गतिमान है। बताया कि जो भी योजनाएं यहां पर स्वीकृत की जाती हैं उन्हें एक निर्धारित प्रारूप पर शासन को भेजा जाएगा। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नन्दन कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





More Stories
कोटद्वार में बनेगा एबीसी सेंटर, आवारा कुत्तों की समस्या से मिलेगी राहत, उत्तराखंड शासन ने जारी की एक करोड़ रुपये की पहली किस्त, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के प्रयासों से परियोजना को मिली गति
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की आज होगी घोषणा!
जिला देहरादून में एक ही दिन में राष्ट्रीय लोक अदालत में 12,063 मामलों का निस्तारण