देवाल (चमोली)। चमोली जिले के देवाल विकास खंड के कुलिग दिदिना के ग्रामीण बीते 17 वर्षों से सड़क की बाट जोह रहे है। ग्रामीणों ने सोमवार को तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली को एक ज्ञापन भेजा है। जिसमें कहा गया है कि यदि दिदिना गांव के लिए स्वीकृत सड़क मार्ग पर कार्य आरंभ नहीं हुआ तो ग्रामीणों को मजबूरन आने वाले समय में पंचायत चुनावों के बहिष्कार के लिए विवश होना पड़ेगा।
सोमवार को कुलिग गांव के ग्राम प्रशासक हुकम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने तहसीलदार थराली के माध्यम से एक ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा है। ग्राम प्रशासक का कहना है कि 15 जुलाई 2018 को दैविक आपदा से गांव तहस नहस हो गया है। प्रशासन ने कुलिग के ग्रामीण को राजस्व गांव दिदिना में विस्थापित किया गया है। यातायात की सुविधा नहीं होने से अभी तक पूर्ण विस्थापित नहीं हो पाया है। कुलिग से दिदिना के लिए आठ किलोमीटर मोटर सड़क वर्ष 2008-09 में स्वीकृत है। 18 साल बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने लोक सभा चुनावों का भी बहिष्कार का ऐलान किया था। जिस पर क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा और अन्य जनप्रतिनिधि गांव में पहुंचे तथा छ माह में सड़क निर्माण करने का आश्वासन के साथ चुनाव में प्रतिभाग किया था। अभी तक सड़क का मुद्दा तस का तस है। पुनः ग्रामीणों ने आगामी त्रिस्तरी पंचायत चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी है। प्रतिनिधि मंडल में ममंद अध्यक्ष पुष्पा देवी, सरपंच नदी देवी, पूर्व प्रधान भुवन दानू, प्रेम सिंह, नंदन सिंह, गोविंद सिंह, बलवंत सिंह, धन सिंह, पान सिंह, कुंदन सिंह आदि मौजूद थे।

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