हरिद्वार : दुबई मीडिया सिटी में आयोजित रेडियो मिर्ची के विशेष कार्यक्रम में युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि हमारी जिंदगी कठिन नहीं है, हम उसे खुद कठिन बना लेते हैं। जिसने स्वयं को समझ लिया, उसने सब कुछ समझ लिया। उन्होंने कहा कि संस्कार, सेवा और संस्कृति को शिक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा। शिक्षा तभी विद्या बनती है, जब वह जीवन जीने की कला और मानवीय मूल्यों को सिखाए। इस अवसर पर युवा आइकान डॉ. पंड्या ने ज्योति कलश की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते करते हुए इसे आत्मचेतना और आंतरिक प्रकाश का प्रतीक बताया। इस दौरान खलीज टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार हरजोत ओबेरॉय और गल्फ न्यूज दुबई की तरुणा संजनानी सहित अनेक मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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