देहरादून : प्रदेश में पंचायत चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, क्षेत्र पंचायत प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए आरक्षण की अंतिम सूची जारी कर दी गई। इसके साथ ही गांव-गांव में चुनावी चर्चा अब तेज हो गई है।
इस प्रक्रिया के तहत पहले दो दिन दावेदारों को आपत्तियां दाखिल करने का मौका दिया गया था। इसके बाद एक दिन आपत्तियों की सुनवाई के लिए रखा गया। 19 जून को सभी प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर अंतिम सूची को अंतिम रूप दे दिया गया।
आरक्षण की इस अंतिम सूची ने गांव की चुनावी राजनीति में कई समीकरणों को पलट दिया है। कई ऐसे चेहरों के अरमान टूट गए जो बीते चार-पांच वर्षों से ग्राम प्रधान, क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य बनने की तैयारियों में लगे थे। वहीं, कई दावेदारों के लिए यह आरक्षण खुशियों की सौगात बनकर आया है। अब वे खुलकर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि, अभी तक शासन व राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की तिथियों का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन, आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। गांवों में अब रणनीति बनाने का दौर शुरू हो चुका है। प्रचार, पर्चे, पंचायत बैठकों और गठजोड़ की चर्चाएं गर्म हैं।

More Stories
सीएम धामी के विजन को मिली रफ्तार, IAS बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में हरा-भरा हो रहा दून, कार्यालय जाते समय पौधरोपण अभियान पर पड़ी नजर तो रुककर परखी हरियाली की जमीनी हकीकत
देहरादून मास्टर प्लान के लिए शुरू हुई जनसुनवाई, पहले दिन 18 लोगों ने रखे सुझाव और आपत्तियां
मुख्यमंत्री धामी बोले – देश-दुनिया में बसे उत्तराखंडवासी राज्य के सबसे बड़े सांस्कृतिक दूत और ब्रांड एंबेसडर