गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के किमोठा गांव में हो रहे भू-स्खलन की रोकथाम के लिए ग्रामीणों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
किमोठा गांव के हरिकृष्ण किमोठी ने डीएम ने कहा है कि भारी भू-स्खलन से अत्री तोक तथा अनुसूचित जाति बस्ती में मकान तथा गौशाला क्षतिग्रस्त हो गए। गांव भू-स्खलन की चपेट में आ गया है। अनुसूचित जाति बस्ती में भू-स्खलन की जद में आने से लोगों घर छोड दिए है। दर्जनों गौशालाएं भी इस कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के सहयोग से कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।
किमोठी ने यह भी कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत किमोठा-तोणजी मार्ग भी आवाजाही के योग्य नहीं रह गया है। अभी तक सड़क का पूरा काम नहीं हुआ है। इस पर 12 करोड़ रुपये खर्च हो गए है। ग्रामीणों को खेतों को मुआवजा तक नहीं दिया गया है। प्राचीन पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने बरसाती नाले के निर्माण की मांग की है। कहा कि ऐसा न किए जाने से हालात खराब होते जा रहे है। इसलिए कार्यदायी संस्था को दिशा निर्देश दिए जाने चाहिए।

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