कोटद्वार । संस्कृत भारती के सहयोग से परमार्थ वैदिक गुरुकुल, कण्वाश्रम में दस दिवसीय संस्कृत सम्भाषण शिविर का शुभारंभ हो गया है। छात्रों को सरल पद्धति से संस्कृत सिखाने के उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का शुभारंभ करते हुए सेनि. प्रधानाचार्य रमाकांत कुकरेती ने कहा कि संस्कृत ऐसी भाषा है जिसे भारत के ऋषियों ने अपने विचारों को सटीक तरीके से संप्रेषित करने के साधन के रूप में विकसित किया था। संस्कृत वेदों, उपनिषदों और भागवत गीता सहित कई महान कार्यों की भाषा रही है। आज भी हिंदू धर्म के यज्ञ और अनुष्ठान संस्कृत भाषा में ही संपन्न होते हैं। तत्पश्चात गुरुकुल के संस्कृत शिक्षक डॉ कुलदीप मैंदोला ने मम नाम, भवतः नाम किम्’ जैसे सरल वार्तालाप आधारित वाक्यों के माध्यम से छात्रों को संस्कृत सिखाई। इस दौरान वैदिक गुरुकुल के प्राचार्य संजय रावत, श्वेता रावत, प्रशांत कुमार, सिद्धार्थ नैथानी और सुदीप देवलियाल सहित सभी छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।

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