मॉस्को/टोक्यो/वॉशिंगटन : धरती फिर डोली, समंदर की लहरें बिफरने को तैयार! रूस के सुदूर पूर्वी इलाके कैमचटका प्रायद्वीप में बुधवार सुबह जोरदार 8.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इस भूंकप ने न केवल रूस बल्कि जापान, अमेरिका, फिलीपींस, इंडोनेशिया और पापुआ न्यू गिनी तक समंदर के किनारों को हिला दिया है। सुनामी का खतरा मंडराने लगा है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र के नीचे था, जिससे भारी सुनामी की आशंका जताई गई है। रूस के अलावा अमेरिका की नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) और जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने भी अपने-अपने तटीय क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है।
इस जबरदस्त झटके के बाद गूगल और अन्य तकनीकी प्लेटफॉर्म पर फिर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि 2023 के तुर्की भूकंप जैसी स्थिति में भी समय पर अलर्ट नहीं दिया गया था। गूगल ने अब जाकर उस भूल को स्वीकारा है।
इस बीच भारत में निसार मिशन की लॉन्चिंग और अमेरिकी टैरिफ को लेकर चल रही उल्टी गिनती के बीच यह भू-संकट एक नई चिंता बनकर उभरा है। कई देश अभी से ही तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारियों में जुट गए हैं।
क्या है कैमचटका?
रूस का कैमचटका प्रायद्वीप Ring of Fire का हिस्सा है, यानी वह इलाका जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। बीते वर्षों में यहां कई बार गंभीर भूकंप आ चुके हैं, लेकिन इस बार की तीव्रता और दायरा दोनों ही चिंताजनक हैं।

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