उत्तरकाशी: उत्तराखंड के धराली में बादल (Uttarkashi Dharali disaster) फटने के बाद शुरू हुए राहत और बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया है। आज सुबह से ही बचाव दल युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। अब तक कुल 65 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर मातली पहुँचाया जा चुका है।
चिनूक हेलीकॉप्टर की लैंडिंग
बचाव कार्यों में तेज़ी लाने के लिए भारतीय वायुसेना का एक चिनूक हेलीकॉप्टर हर्षिल में लैंड कर चुका है। इसमें एनडीआरएफ के जवान, उपकरण और अन्य ज़रूरी सामान भेजे गए हैं, जो बचाव अभियान को और प्रभावी बनाएंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने की मुलाकात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातली हेलीपैड पर पहुँचकर धराली से निकाले गए लोगों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अधिकारियों से भी बात की। सुबह 9:30 बजे तक, आईटीबीपी ने हेलीकॉप्टर से 44 लोगों को मातली पहुँचाया था, जहाँ से उन्हें आगे उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है। एक घायल व्यक्ति को भी एयरलिफ्ट करके इलाज के लिए भेजा गया है।
वाडिया संस्थान करेगा अध्ययन
इस आपदा के कारणों का पता लगाने के लिए वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान की एक टीम भी अध्ययन करेगी। संस्थान के निदेशक विनीत गहलोत ने बताया कि स्थितियाँ सामान्य होने के बाद टीम को मौके पर भेजा जाएगा, जो तकनीकी माध्यमों से आपदा के कारणों की जाँच करेगी।
एक दर्जन मकान खाली कराए गए
आपदा के खतरे को देखते हुए भटवाड़ी से आगे करीब एक दर्जन मकानों को खाली करा लिया गया है। प्रशासन भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों पर लगातार नज़र रखे हुए है।

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