हल्द्वानी : सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2014 के काठगोदाम (हल्द्वानी-क्षेत्र) में हुई सात वर्षीय नन्ही काशिश की हत्या मामले में मुख्य आरोपी के बरी किए जाने के बाद शहर में गुस्से की लहर दौड़ पड़ी। गुरुवार को सुबह से ही बुद्ध पार्क पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों की भीड़ एसडीएम कार्यालय तक पहुँच गई।
प्रदर्शनकारियों ने न्याय की माँग करते हुए सरकार और न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपी के लिए फाँसी की सजा वापस दिलाने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक संगठनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोककलाकारों ने हिस्सा लिया।
हालाँकि, कुछ जगहों पर पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखा गया, पर हिंसा की खबर नहीं आई। लोगों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पीड़ित परिवार और समाज के साथ अन्याय जैसा है और वह सख्त कार्रवाई व पुनर्विचार की मांग करते हैं। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि वे न्याय के लिए संगठित होकर अगली कार्रवाई तय करेंगे।
थर्म-लाइन: यह वही विवादित मामला था जिसने 2014 में पूरे कुमाऊँ में भारी आक्रोश और विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया था; उस दौर की घटनाएँ और व्यापक सार्वजनिक भावना अब सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा फैसले के बाद फिर उभर कर सामने आई हैं। मामले की संवेदनशीलता और वर्षों से चली आ रही सुनवाई को देखते हुए न्यायिक फैसलों पर जन-आक्रोश दर्शनीय है, और पीड़ित परिवार की अपील व राजनीति-सामाजिक प्रतिक्रियाएँ आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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