22 September 2023

मध्यप्रदेश के खुरई में धामी का बुलडोजर से पुष्प वर्षा के बीच भव्य स्वागत, शिवराज-पुष्कर के रोड-शो में उमड़ी हजारों की भीड़

देहरादून: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए गए देवभूमि के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वहां भव्य स्वागत हुआ। धामी और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान जब विधानसभा क्षेत्र खुरई में रोड-शो के लिए निकले तो हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

इस दौरान, धामी और शिवराज का बुलडोजर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। जनसभा में सीएम शिवराज चौहान ने सीएम धामी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धामी ने देवभूमि की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल कर रख दी है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आजादी के बाद जिन सरकारों ने इस देश पर राज किया, उन्होंने उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की पहचान को खत्म करने का भरपूर प्रयास किया। कांग्रेस की सरकार ने जो हमें दिया, उसे हम और आप, कभी आपातकाल तो कभी विभिन्न घोटालों के नाम से जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विपक्ष के ये नौसिखिया नेता सनातन को खत्म करने जैसी बेतुकी बातें कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें यह नहीं मालूम कि जब बाबर और औरंगजेब जैसे क्रूर शासक सनातन को खत्म नहीं कर पाए तो फिर ये घमंडिया गठबंधन के घमंडिया नेता क्या चीज हैं।

उन्होंने कहा कि मैं अपील करूंगा कि आज देश के हर कोने-कोने में हर सनातनी को और देश की मिट्टी से प्यार करने वालों को इन ’’ठगबंधनों’’ से सतर्क रहने की आवश्यकता है और हमें मिलकर ऐसी ताकतों को रोकना है, जो हमारे देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे एक बात समझ में नहीं आती कि इन्होंने भले ही अपना नाम ’’इंडिया’’ रख लिया हो परन्तु इन्हें ’’भारत’’ नाम से आखिर चिढ़ क्यों है। इन्हें सनातन धर्म और संस्कृति से चिढ़ क्यूं है, इन्हें राष्ट्रवाद से चिढ़ क्यूं है। इन्हें वंदे मातरम ओर भारत माता की जय बोलने से चिढ़ क्यूं है। यह इसलिए है, क्योंकि इनके मूल में ही, न कभी देशभक्ति थी, न है और न रहेगी, क्योंकि इन्होंने हमेशा तुष्टिकरण, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत शक्तिशाली हुआ है, भारत आत्मनिर्भर हुआ है और ’’ठगबंधनों’’ की दुकानें बंद हुई है।

कमलनाथ और दिग्विजय पर बरसे

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 2018 में झूठ बोलकर मध्यप्रदेश में सरकार बनाई कि दस दिन में हम किसानों का ऋण माफ कर देंगे, युवाओं को रोजगार भत्ता देंगे और महिलाओं से जो वादे किए उन्हें पूरे करेंगे, लेकिन उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया। मात्र 15 महीनें की छोटे से समय में ही कमलनाथ ने सबसे भ्रष्ट सरकार बनाई जिसमें, घूस और रिश्वतखोरी के अलावा किसी ओर मुददे पर ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिग्विजय सिंह ही काम ही हिन्दुत्व और हिन्दुओं को गाली देने का है।कहा कि ये महाशय हिन्दुओं को आतंकवादी घोषित करने में फस्ट रहे।

मध्यप्रदेश में जमकर हो रहा विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की बंटाधार सरकार ने राज्य के बजट को 23 हजार करोड़ पर छोड़ दिया था, जिसे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने 3.14 लाख करोड़ तक पहुंचाया है। इस दौरान मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में दस प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

उत्तराखंड में किये कार्य गिनाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड में जल्द समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने जा रहे हैं। जिसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और दावे से कह सकता हूं कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद यहां भी समान नागरिक आचार संहिता लागू करने का कार्य अवश्य किया जाएगा। इसके अलावा हमने उत्तराखंड में लैंड जिहाद के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए 483 अवैध मजारों को ध्वस्त कर करीब 33 सौ एकड़ सरकारी जमीन मुक्त करवाई है। साथ ही देवभूमि में जहां एक ओर धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है, वहीं परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए भी भारत का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लिए गए कई निर्णयों को अन्य प्रदेश भी अब अनुसरण कर रहे हैं, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के पश्चात यहां भी सामान नागरिक संहित सहित अन्य ठोस कदम जनता के हित में उठाएं जाएंगे।

शिवराज हैं असली मामा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 16 सितंबर को मेरा जन्मदिन था, उस दिन मैं, जब बच्चों के बीच कार्यक्रम मना रहा था, तो मुझे बच्चे धामी मामा कहकर संबोधित कर रहे थे, लेकिन मैंने उनसे कहा कि बच्चों मैं, असली मामा नहीं, असली मामा तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी हैं। वे सच में मामा के समान है, क्योंकि उन्होंने अपने भांजे-भांजियों के भविष्य को सुधारने के लिए जितना काम किया है, उतना काम एक मामा ही अपने भांजे-भांजियों के लिए कर सकता है।