गोपेश्वर (चमोली)। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. अनुराग धनिक ने कहा कि प्रसव के दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जोरदार कदम उठाए जा रहे हैं। नर्सिंग कालेज में मातृ एवं नवजात मृत्यु की रोकथाम विषय पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु को रोकने के लिए चिकित्सा के माध्यम से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इस लिए मातृ तथा नवजात को प्रसव के दौरान खतरों से बचाने की पहल की जा रही है। प्रसूति रोग विशेषज्ञ डात्र अमिता ने पोस्टपार्टम हैमरेज पर विस्तार से चर्चा की।
नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ममता ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक नर्सिंग छात्रा को अपने ज्ञान एवं कौशल को बेहतर बनाना चाहिए। इससे शिशु-मातृ मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। कार्यशाला में कॉलेज के शिक्षकों, जिला चिकित्सालय की नर्सिंग अधिकारियों तथा 7वें सेमेस्टर के सभी विद्यार्थियों ने भाग लिया।

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