17 January 2026

चमोली की वादियों में समय से पूर्व खिलने लगे बुरांश

चमोली। देवभूमि उत्तराखंड की पर्वतीय वादियों में इन दिनों कुदरत का एक अनोखा, लेकिन चिंताजनक दृश्य देखने को मिल रहा है। राज्य पुष्प बुरांश (रhododendron) ने मार्च–अप्रैल की प्रतीक्षा किए बिना ही समय से पूर्व खिलकर पहाड़ों को अपनी लालिमा से ढक दिया है।

चटख लाल फूलों से सजी घाटियां पर्यटकों के लिए भले ही किसी विहंगम दृश्य से कम न हों, लेकिन वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के लिए यह असमय खिलना जलवायु परिवर्तन का गंभीर संकेत माना जा रहा है। सामान्यतः बसंत ऋतु की शुरुआत के साथ खिलने वाला बुरांश इस बार सर्दियों के अंत में ही पुष्पित हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बढ़ते तापमान, अनियमित मौसम चक्र और पारिस्थितिकी संतुलन में हो रहे परिवर्तन की ओर इशारा करता है। यदि यही प्रवृत्ति आगे भी जारी रही, तो इसका प्रभाव न केवल वनस्पतियों बल्कि परागण, जैव विविधता और स्थानीय जीवनशैली पर भी पड़ सकता है।

प्रकृति की यह समय से पहले आई मुस्कान हमें सुंदरता के साथ-साथ चेतावनी भी दे रही है, कि अब जलवायु परिवर्तन केवल भविष्य की आशंका नहीं, बल्कि वर्तमान की सच्चाई बन चुका है।

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