ज्योतिर्मठ। भू-धंसाव के कारण लंबे समय से बंद पड़े ऐतिहासिक जोशीमठ-औली रज्जुमार्ग (रोपवे) को फिर से संचालित करने की दिशा में शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) द्वारा निरंतर हो रही वित्तीय हानि का हवाला देते हुए रोपवे संचालन के अनुरोध पर, शासन ने अधोसंरचना के स्थलीय निरीक्षण हेतु एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है। सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, GMVN के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता वाली यह 6 सदस्यीय समिति, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल हैं, एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सुरक्षा मानकों को देखते हुए रोपवे को पुनः शुरू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे क्षेत्र के पर्यटन को फिर से गति मिलने की उम्मीद है।

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