नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे पहाड़ी एवं चुनौतीपूर्ण राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 10,000 किलोमीटर से अधिक की ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। यह कदम विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में ग्रामीण विकास विभाग की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए यह खास तौर पर राहत भरी खबर है, जहां कठिन भू-आकृति, ऊंची चोटियां और दूरस्थ गांवों के कारण कई इलाके साल भर अलग-थलग रहते हैं। इन नई सड़कों से राज्य के हजारों पिछड़े गांवों को बारहमासी (हर मौसम में चलने वाली) कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बाजार पहुंच और रोजगार के अवसर आसानी से उपलब्ध होंगे।
इस मंजूरी से कुल 3,270 पहले से अलग-थलग बस्तियां जुड़ेंगी। ये सड़कें दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण समुदायों तक फैलेंगी, जो न केवल अवसंरचना का विकास करेंगी बल्कि समावेशी विकास को बढ़ावा देकर ग्रामीण जीवन में गहरा बदलाव लाएंगी।
PMGSY-IV के तहत मुख्य लक्ष्य 2011 की जनगणना के अनुसार असंबद्ध बस्तियों को जोड़ना है:
- मैदानी क्षेत्रों में 500+ आबादी वाली बस्तियां.
- पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों (जैसे उत्तराखंड) में 250+ आबादी वाली बस्तियां.
- विशेष श्रेणी क्षेत्रों (जनजातीय अनुसूची V, आकांक्षी जिले/ब्लॉक, मरुस्थलीय क्षेत्र) में 25,000 असंबद्ध बस्तियां.
- वाम उग्रवाद प्रभावित जिलों में 100+ आबादी वाली बस्तियां.
- योजना के अंतर्गत कुल 62,500 किलोमीटर लंबी हर मौसम में उपयोग योग्य सड़कें और आवश्यक पुलों का निर्माण होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर 2024 को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी थी। कुल परिव्यय 70,125 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 49,087.50 करोड़ रुपये और राज्य सरकारों का हिस्सा 21,037.50 करोड़ रुपये शामिल है।

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