गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में मौसम ने फिर करवट बदल दी है। इसके चलते हिमालय से सटे गांवों में बर्फवारी तथा निचली घाटी वाले क्षेत्रों में बारिश ने जोर पकड़ ली है। मंगलवार को दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट बदली। इसके चलते हिमालय से सटे गांवों में बर्फवारी का दौर शुरू हो गया है। निचली घाटी वाले क्षेत्रों में बारिश के चलते जन जीवन एक बार फिर अस्त व्यस्त हो गया है। बर्फवारी तथा बारिश के चलते कड़ाके की ठंड की चपेट में आने के कारण लोग घरों में दुबक गए हैं। इसके चलते कामकाजी गतिविधियां भी प्रभावित होकर रह गई है। उच्च हिमालय में स्थित रूद्रनाथ, अनसूया देवी, तुंगनाथ, मोहनखाल, दूधातोली पर्वत श्रृंखला, रूपकुंड समेत तमाम पहाडियों पर हिमपात की खबरें हैं। कई ग्रामीण इलाकों में भी बर्फवारी का दौर शुरू हो जाने से तमाम गतिविधियां ठहर कर रह गई है। हालांकि दो दिन पूर्व मौसम के बदले मिजाज के चलते हिमालय से सटे जनपद के 157 गांव बर्फवारी की जद में आ गए थे। इन गांवों में अभी तक बर्फ जमी है। ताजा बर्फवारी के चलते इन गांवों के एक बार फिर हिमपात से पूरी तरह ढकने के आसार बढ़ गए हैं।
विधान सभा परिसर भराडीसैण से सटी दूधातोली की पर्वत श्रृंखला में बर्फवारी की खबरें मिल रही है। बताया जा रहा है कि विधानसभा परिसर में भी बर्फवारी का आगाज हो गया है। चीन सीमा से सटी नीती तथा माणा घाटियां भी बर्फवारी की जद में आ गई है। सीमा की अग्रिम सुरक्षा चौकिंयों पर भी बर्फवारी की खबरें मिल रही है।

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