गोपेश्वर (चमोली)। राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए उनके निस्तारण पर जोर दिया। महिला आयोग की ओर से जिला सभागार गोपेश्वर में आयोजित जन सुनवाई में राज्य महिला आयोग ने आयोजित किया जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान आयोग की सदस्य विजया रावत और दर्शनी पंवार ने महिलाओं की महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। महिलाओं की ओर से घरेलू हिंसा, भरण पोषण, भूमि विवाद, महिलाओं से जुड़े कार्यालयी विवादों के मामलों की सुनवाई की गई। आयोग के सदस्यों की ओर से वन स्टॉप सेंटर, समाज कल्याण विभाग, पुलिस व अन्य विभागों को मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
सदस्य विजया रावत ने कहा कि जन सुनवाई कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कानूनी सुरक्षा मुहैया करवाना है। उन्होंने इस दौरान बालिका सुरक्षा को लेकर अभिभावकों के जागरूक होने पर जोर दिया। कहा कि अभिभावकों को बच्चों के परिवेश और आसपास के माहौल की जानकारी होने पर उन्हें किसी मुश्किल में पड़ने से रोका जा सकता है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर सरकार की ओर किए गए प्रावधानों की भी जानकारी होनी आवश्यक है। सदस्य दर्शनी पंवार ने कहा कि महिला सुरक्षा और जागरूकता को लेकर आयोग की ओर से राज्य में जन सुनवाई के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता ज्ञानेंद्र खंतवाल, रेजा चैधरी और गीता बिष्ट ने महिला कानूनों की जानकारी देते हुए पीड़ितों को समस्याओं के समाधान के लिए कानूनी परामर्श भी दिए। इस अवसर पर चमोली की तहसीलदार दीप्ति शिखा, खंड शिक्षा अधिकारी पंकज उप्रेती, सीडीपीओ ज्योतिर्मठ अभिजीत कुमार, अंजली रावत, एसआई मीतू गुसाईं, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य शांति राणा, सुरेंद्र रावत समेत अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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