ज्योतिर्मठ/गोविंदघाट। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर विष्णुप्रयाग से करीब तीन किलोमीटर आगे टंया पुल के पास गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब कर्नाटक से आए एक 25 वर्षीय पर्यटक ने उफनती अलकनंदा नदी में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि युवक लहरों के साथ बहते हुए नदी के बीचों-बीच एक टापू (पत्थरों के संजाल) में फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और बेहद कठिन परिस्थितियों में साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर युवक की जान बचाई।
रहस्यमयी तरीके से लगाई छलांग, मिट्टी में दबाया फोन
रेस्क्यू टीम का नेतृत्व कर रहे SI कुलदीपक पाण्डेय ने बताया कि गोविंदघाट पुलिस के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति नदी के बीच टापू पर फंसा हुआ है। जांच में पता चला कि कर्नाटक निवासी मोनिश बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर निकला था। घटना स्थल पर मोनिश ने बेहद रहस्यमयी ढंग से अपने जूते और बैग राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे रखे थे, जबकि अपना मोबाइल फोन मिट्टी के नीचे दबा दिया था। इसके बाद उसने उफनती नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया।
साहसिक ऑपरेशन: उफनती लहरों के बीच ‘देवदूत’ बनी SDRF
नदी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। SDRF के जवानों ने आधुनिक ‘रोप इक्विपमेंट’ और लाइफ जैकेट के सहारे उफनती लहरों के बीच प्रवेश किया। भारी मशक्कत और सूझबूझ का परिचय देते हुए टीम युवक तक पहुँचने में कामयाब रही और उसे सुरक्षित किनारे तक खींच लाई। सुरक्षित रेस्क्यू के बाद टीम ने युवक को SHO गोविंदघाट के सुपुर्द किया, जहाँ से उसे प्राथमिक उपचार के लिए तत्काल गोविंदघाट अस्पताल भेजा गया।
ये रहे रेस्क्यू टीम के सदस्य
इस सफल और साहसिक ऑपरेशन मे वा टीम में एस आई कुलदीपक पाण्डेय ,एचसी राहुल थापा, एसटी प्रमोद मठपाल, संदीप कुमार, शेखर नगरकोटी, गिरीश टाकुली, ललित भकुनी, प्रकाश सिंह, मुकेश कुमार और जसबीर सिंह शामिल रहे।

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