ज्योतिर्मठ । देवभूमि के द्वार ज्योतिर्मठ में समाज को कुरीतियों से मुक्त करने और युवा पीढ़ी को नशे की गर्त से बचाने के लिए एक साहसिक शंखनाद हुआ है। नृसिंह मंदिर वार्ड के निवासियों ने एकजुट होकर सामाजिक सरोकारों की एक नई मिसाल पेश की है। शुक्रवार को महिला मंगल दल, देवपुजाई समिति और वार्ड सभासद के नेतृत्व में आयोजित एक विशेष बैठक में जनता ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि अब वार्ड के भीतर किसी भी सामाजिक उत्सव में शराब का सेवन या वितरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कठोर नियम और आर्थिक दंड
सामूहिक सहमति से पारित इस ऐतिहासिक प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि शादी-समारोह, मुंडन संस्कार या किसी भी अन्य सामाजिक आयोजन में शराब परोसना पूरी तरह वर्जित होगा। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या परिवार पर 51,000 रुपये (इक्यावन हजार) का भारी अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि महिला मंगल दल द्वारा वसूली जाएगी, ताकि सामाजिक अनुशासन बना रहे।
शांति और समृद्धि की ओर कदम
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दो टूक कहा कि शराब न केवल आर्थिक बर्बादी का कारण है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था भी भंग होती है। स्थानीय जनता का मानना है कि इस कड़े कदम से न केवल फिजूलखर्ची रुकेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा। इस दौरान वार्ड के निवासियों ने हाथ उठाकर और शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर इस मुहिम को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
इनकी रही सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वालों में देवपुजाई समिति के अध्यक्ष, अनिल नंबुद्ररी, वार्ड-03 के सभासद दीपक शाह, महिला मंगल दल की अध्यक्ष श्रीमती सुमति देवी,प्रकाश चंद्र सती, संगीता कंवाण, संतोषी डिमरी, बबीता बिष्ट, प्रेमलता बिष्ट, सुशीला नम्बूरी, अंजना नम्बूरी और कुसुम सती सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक शामिल रहे। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने वार्ड वासियों के इस फैसले की जमकर सराहना की है।

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