पौड़ी : गृह आधारित प्रसवों की संख्या शून्य करने के लक्ष्य के साथ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला की अध्यक्षता में विकासखंड थलीसैंण के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिपालीसैंण में जागरुकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया गया और मातृ सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गयी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित आहार लेने, आयरन व कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन करने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। इस दौरान 23 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच भी की गयी। उन्होंने त्रिपालीसैंण में प्रसव केंद्र स्थापित किए जाने को लेकर निर्माणाधीन पीएचसी टाइप-बी भवन का निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को 30 अप्रैल तक निर्माण कार्य पूर्ण कर भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में गृह प्रसव की संख्या अधिक है, ऐसे में प्रसव केंद्र बनने से गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा।
इसके बाद उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चाकीसैंण एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पैठाणी के प्रसव कक्षों का निरीक्षण कर वहां आवश्यक उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित चिकित्सकों को दिए।
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. खुशबू खत्री, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकिता रावत, चिकित्साधिकारी डॉ. अंकित धवन, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक रविकांत उनियाल सहित अन्य उपस्थित रहे।

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