29 June 2026

चमोली में डाक विभाग की बड़ी लापरवाही! पोस्टमैन के कमरे से बरामद हुईं डाक से भरी बोरियां, जांच के आदेश

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड स्थित तुंगेश्वर क्षेत्र में डाक विभाग की कथित बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि क्षेत्र में तैनात एक पोस्टमैन ने वर्ष 2025 से अब तक लोगों तक पहुंचाई जाने वाली महत्वपूर्ण डाक का वितरण करने के बजाय उसे अपने निजी कमरे में तीन से चार बोरियों में भरकर रखा हुआ था। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

सड़क किनारे मिला आधार कार्ड, खुली लापरवाही की परतें

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब स्थानीय निवासी विनोद पांडे को तुंगेश्वर-माल बजवाड़ मार्ग पर सड़क किनारे उनकी पुत्री का आधार कार्ड पड़ा मिला। उन्होंने जब इस संबंध में संबंधित पोस्टमैन से जानकारी मांगी तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पोस्टमैन के कमरे की जांच की, जहां कथित तौर पर तीन से चार बोरियों में बड़ी मात्रा में डाक रखी मिली।

आधार, पैन, एटीएम कार्ड और स्पीड पोस्ट भी नहीं पहुंचे

ग्रामीणों का आरोप है कि बरामद डाक में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक एटीएम कार्ड, बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज, स्पीड पोस्ट और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी पत्र शामिल थे, जिन्हें महीनों तक संबंधित लोगों तक नहीं पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से क्षेत्र में नियमित डाक वितरण नहीं हो रहा था, जिसके कारण कई लोगों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा होगा।

ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पोस्टमैन के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण दस्तावेजों का लोगों तक न पहुंचना गंभीर लापरवाही है और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

डाक विभाग ने माना नियमों का उल्लंघन

चमोली के अधीक्षक डाकघर अजय कुमार ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी पोस्टमैन द्वारा डाक को अपने निजी कमरे में रखना विभागीय नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई गई है और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह घटना एक बार फिर डाक वितरण व्यवस्था की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोग अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।