4 July 2026

उत्तराखंड में 8.39 लाख और मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी, 14 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 8.39 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की तैयारी है। चुनाव आयोग के अनुसार, ये ऐसे मतदाता हैं जो मृत पाए गए, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, पहले से अन्य स्थान पर पंजीकृत हैं या सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले। इन नामों को 14 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची से अलग कर दिया जाएगा।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एक जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए आठ जून से सात जुलाई तक गणना प्रपत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य चल रहा है। प्रदेश के 79,60,762 मतदाताओं में से अब तक 70,98,501 मतदाताओं के प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि कुल 8,39,486 मतदाता ‘अनकलेक्टेड’ श्रेणी में हैं। इनमें 1,23,836 मृत, 4,77,148 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 61,764 पहले से अन्य स्थान पर पंजीकृत, 1,68,259 अपने पते पर अनुपस्थित तथा 8,479 अन्य कारणों से इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। अनकलेक्टेड श्रेणी के मतदाताओं के नाम मुख्य सूची से हटाकर उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी, जिसे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और अन्य संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराया जाएगा।

14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि 14 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। डॉ. जोगदंडे ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11,733 मतदान केंद्रों के सापेक्ष वर्तमान में 23,102 बीएलए तैनात हैं।

प्री-एसआईआर में पहले ही हट चुके हैं 4.53 लाख नाम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, छह जनवरी 2025 को जारी मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 84,29,459 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (एएसडी) मतदाताओं के सत्यापन अभियान के दौरान प्री-एसआईआर में 4,53,459 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 79 लाख रह गई। अब एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रस्तावित 8.39 लाख नाम हटने के बाद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या लगभग 70 लाख रह जाने का अनुमान है।