December 2, 2022

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Pranab Mukherjee

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन, 84 साल की उम्र में अस्पताल में ली अंतिम सांस

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) का 84 साल की उम्र में निधन हो गया है। प्रणब मुखर्जी दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे, इसी महीने उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी। कुछ दिन पहले उनके फेफड़े में इंफेक्शन बढ़ने से उनको वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। प्रणब मुखर्जी कोरोना वायरस पॉजिटिव भी पाए गए थे।

Pranab Mukherjee के बेटे ने ट्वीट कर दी जानकारी

प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर प्रणब मुखर्जी के निधन की जानकारी दी। प्रणब मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है।

प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी ने गहरा दुख जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा कि प्रणब मुखर्जी के स्वर्गवास के बारे में सुनकर हृदय को आघात पहुंचा है। उनका देहावसान एक युग की समाप्ति है। प्रणब मुखर्जी के परिवार, मित्र-जनों और सभी देशवासियों के प्रति मैं गहन शोक-संवेदना व्यक्त करता हूँ।

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वहीं पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि, वे बेहतरीन स्कॉलर थे, राजनीतिक समुदाय में हर कोई करता था उनका सम्मान करता था। पीएम मोदी ने लिखा कि भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर बहुत दुख हुआ। उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उत्कृष्टता से एक विद्वान, एक राजनेता, वह राजनीतिक स्पेक्ट्रम भर में और समाज के सभी वर्गों द्वारा प्रशंसा की गई थी।

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प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) साल 2012 देश के राष्ट्रपति बने थे, 2017 तक वो राष्ट्रपति रहे। साल 2019 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। मुखर्जी यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाने वाले पांचवें राष्ट्रपति थे। इससे पहले राष्ट्रपति डॉ. एस राधाकृष्णन, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. जाकिर हुसैन और वीवी गिरि को मिल यह सम्मान मिल चुका है।

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भले ही प्रणब मुखर्जी का नाता कांग्रेस से था, लेकिन वे भाजपा के दो नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी से काफी प्रभावित थे। वह अटल बिहारी वाजपेई को सबसे असरदार और मोदी को सबसे तेजी से सीखने वाला पीएम मानते थे। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के लिए कहा था कि, जब मैं दिल्ली में नया-नया आया था, तब राष्ट्रपति ने एक गार्जियन की तरह मुझे उंगली पकड़कर चीजें सिखाई थीं। जो मौका मुझे मिला, वो बहुत कम लोगों को मिलता है।

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