December 6, 2022

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निरीक्षण में 17 बीएलओ ड्यूटी से लापता, सीडीपीओ के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति

रुद्रपुर :  उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले इन दिनों मतदाता पहचान पत्र बनाने और संशोधन का कार्य चल रहा है। वह इसको लेकर बीएलओ लापरवाह नजर आ रहे हैं। इसी को लेकर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत उप जिलाधिकारियों व तहसीलदारों ने जिले में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 17 बीएलओ (BLO) गायब पाए गए। जिसके बाद बीएलओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि एसडीएम से बिना अनुमति के ही 02 बीएलओ को अवकाश देने पर सीडीपीओ (CDPO) के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। इससे पहले भी 13 नवंबर को निरीक्षण में जिले में 43 बीएलओ व एक सुपरवाइजर गायब मिले थे। इन सभी से जवाब मांगे गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें कि, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के जागरुकता कार्यक्रम भी जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे हैं। जिससे जिनकी उम्र 18 साल या इससे अधिक हो चुकी है, यदि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो बूथ पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। जिन्हें नाम व पते में संशोधन कराना हो तो भी बूथों पर जाकर ठीक करा सकते हैं। इसके लिए जिले के सभी 1,465 बूथों पर बीएलओ को 27 व 28 नवंबर को अनिवार्य रुप से बैठने के आदेश जारी किए गए थे। शनिवार को उपजिलाधिकारियों व तहसीदारों ने बूथों का निरीक्षण किया। इस दौरान छह बीएलओ बूथों पर नहीं मिले। कुछ बूथों पर बीएलओ आसपास फील्ड में चले गए थे। जसपुर में एक, बाजपुर में सात, गदरपुर में चार, नानकमत्ता में चार, खटीमा में एक बीएलओ गायब थे।

एसडीएम राकेश तिवारी ने जांच में पाया गया कि, बाजपुर के सीडीपीओ बाजपुर गौरव पंत ने उनसे अनुमति लिए ही 02 बीएलओ को अवकाश दे दिया था। इसकी रिपोर्ट एडीएम को भेज दी। एडीएम वित्त डा. ललित नारायण मिश्रा ने भी बाजपुर व गदरपुर में बूथों का निरीक्षण किया। बताया कि, विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम में बिना एसडीएम की अनुमति के सीडीपीओ किसी भी बीएलओ को अवकाश नहीं दे सकते हैं।

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