लैंसडाउन । अभ्युदय परिवार द्वारा होली की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं ने कुमाऊनी, गढ़वाली के पारंपरिक होली गीत की प्रस्तुति की । महिलाओं ने सिर धरै मुकुट खेले होली कहां से आयो, कुंवर कन्हैया कहा से आयी राधा गौरी मथुरा से आयो, कुंवर कन्हैया गोकुल से राधा रानी, छलके गुलाबी रंग डारों रे होली आई रे रसिया लाल रंग डारों, गुलाबी रंग डारों, केसरिया रंग डारों रे, होली आई रे रसिया राम भी खेले, लछिमन भी खेले, खेले अवध के वासी रे होली आई रे रसिया पारम्परिक में नृत्य प्रस्तुत किए । महिलाओं ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली खेली । इस अवसर पर भावना वर्मा ने कहा कि होली हमारा पारंपरिक और भाईचारे का त्योहार है इसे हम सब को मिलकर मनाना चाहिए होली की बैठक में सभी वर्ग की महिलाओं ने होली खेली । ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी बैठक में शामिल थी ।

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