बागेश्वर : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रभावी क्रियान्वयन की हालिया समीक्षा रिपोर्ट में बागेश्वर जनपद ने उल्लेखनीय प्रदर्शन कर राज्य में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। जिले ने यूसीसी के अंतर्गत सेवाओं के पंजीकरण, एसआरओ (सब-रजिस्ट्रार ऑफिस) अभिस्वीकृति, विवाह पंजीकरण और त्वरित निस्तारण के क्षेत्र में कई मानकों पर उत्कृष्ट उपलब्धियां दर्ज की हैं।
बागेश्वर में यूसीसी से संबंधित आवेदनों की अनुमोदन दर 95% दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि जिले में आवेदनों का कुशलतापूर्वक और बिना अड़चनों के निस्तारण किया जा रहा है। वहीं, अस्वीकृति दर केवल 3% रही, जो औसत 4% से कम है। अपीलों की लंबित दर भी बागेश्वर में न्यूनतम है—सिर्फ 0.07%, जो कि किसी भी विवाद या समस्या के समयबद्ध समाधान की क्षमता को दर्शाता है।
विवाह पंजीकरण के क्षेत्र में भी बागेश्वर ने सबसे आगे विवाहित जोड़ों में से 56% का पंजीकरण सुनिश्चित किया है, जो राज्य में सर्वाधिक है। खासतौर पर सरकारी कर्मियों में विवाह पंजीकरण/पावती की अनुपालन दर 99.69% तक पहुँच गई है, जिससे स्पष्ट होता है कि यूसीसी को लेकर जागरूकता और पालन दोनों ही उच्च स्तर पर हैं।
इसके अतिरिक्त, जिले में 15 दिनों से अधिक समय से लंबित आवेदन केवल 11 हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बागेश्वर जिले की कोई भी ग्राम पंचायत या शहरी वार्ड ऐसा नहीं है जहाँ से यूसीसी के तहत कोई आवेदन प्राप्त न हुआ हो, जो जिले की 100% क्षेत्रीय पहुँच और जागरूकता अभियानों की सफलता को दर्शाता है। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने जिले के सभी पात्र नागरिकों से यूसीसी में अपना पंजीकरण कराने की अपील की है।बागेश्वर की ये उपलब्धि स्थानीय प्रशासन की प्रतिबद्धता और बेहतर समन्वय का प्रमाण हैं।

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