गोपेश्वर (चमोली)। विधानसभा परिसर भराडीसैण ने भी बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। इसके चलते ग्रीष्मकालीन राजधानी में भी कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। दरअसल शुक्रवार को मौसम ने कई महीनों बाद अपना मिजाज बदला। इसके चलते उच्च हिमालयी क्षेत्रों की चोटिंयां बर्फ से ढक गई तो हिमालय की तलहटी में बसे गांव भी बर्फवारी से लकदक हो गए। पिछले कई वर्षों से जिन आबादी वाले इलाकों में बर्फ नहीं गिर रही थी इस बार इस तरह के इलाकों में भी जमकर बर्फवारी हुई।
विधानसभा परिसर भराडीसैण भी बर्फवारी से लकदक हो गया। इसके चलते भराडीसैण विधान सभा परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों के अलावा अन्य स्टाफ भी ठंड की जोरदार चपेट में आ गया। दीवालीखाल तथा जंगल चट्टी में भी बर्फ पड़ने में गैरसैण सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बाधित रहीं किंतु कुछ समय बाद बर्फ हटाकर आवाजाही को सुचारू कर दिया गया। इसी तरह नीती-माणा घाटियां भी बर्फ से लबालब हो गई। हालांकि बीआरओ ने सड़क मार्ग को बर्फ को हटाने की कवायद शुरू कर दी है। हिमालय से सटे गांव भी बर्फबारी की जद में आ गए हैं। इसके चलते इन इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है। मौजूदा बर्फवारी को लोग भविष्य के लिए सुकून के रूप में देख रहे हैं। शनिवार को मौसम सुहावना रहा। इसके चलते बर्फीली हवाओं से लोगों को ठंड से निजात नहीं मिली।

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