नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में पंचायत चुनावों में आरक्षण और चुनाव नियमावली को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई गुरुवार को भी जारी रही। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि किन-किन सीटों पर आरक्षण में बदलाव किया गया है और कितनी सीटों पर आरक्षण रिपीट किया गया है।
सरकार की ओर से बुधवार को नियमावली को सही बताते हुए पंचायत चुनावों पर लगी रोक हटाने की मांग की गई थी। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या पिछली आरक्षण सूची को दरकिनार करना उचित है?
इसके साथ ही कोर्ट ने जारी गजट नोटिफिकेशन की वैधता पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने पूछा कि क्या यह गजट ‘सामान्य खंड अधिनियम’, ‘रूल 22’ और ‘उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम 2016’ की धारा 126 के प्रावधानों के अनुसार है? यदि नहीं, तो यह गजट भी कानून के विपरीत माना जाएगा।
कोर्ट ने जनसंख्या के आधार पर आरक्षण तय करने की प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया। पीठ ने पूछा कि आखिर जनसंख्या के आधार पर आरक्षण कैसे लागू किया जा रहा है?
बता दें कि उत्तराखंड हाईकोर्ट पंचायत चुनावों में आरक्षण और चुनाव नियमावली को लेकर दायर याचिकाओं पर लगातार सुनवाई कर रहा है। इस मामले में फिलहाल चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है।

More Stories
मुख्यमंत्री धामी की जन-केंद्रित पहल का असर, “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” से 3.56 लाख से अधिक लोग लाभान्वित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने की मुलाकात
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में स्तन कैंसर पीड़ित महिला का पूरा स्तन हटाकर नया स्तन बनाया, पाँच घंटे चली जटिल सर्जरी में हुआ टोटल मैस्टेक्टमी विद ऑटोलॉगस होल ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन