ज्योतिर्मठ। अटूट आस्था और लोक परंपराओं के प्रतीक ब्रह्म जाख देवता का पारंपरिक क्षेत्रीय भ्रमण कार्यक्रम रविवार से हर्षोल्लास के साथ प्रारंभ हो गया। ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर से विधिवत प्रस्थान कर देवता चुनार और शैला होते हुए सेमा गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, जयकारों और श्रद्धा के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
मान्यता है कि ब्रह्म जाख देवता क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अपने भक्तों की कुशलक्षेम जानने तथा लोक-कल्याण हेतु गांव-गांव भ्रमण करते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा देवता को चावल, गुड़ और वस्त्र अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।
ढोल-दमाऊ की 18 तालों की गूंजती थाप पर देवता का दिव्य नृत्य देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। परंपराओं के संरक्षण और अगली पीढ़ी तक सांस्कृतिक विरासत पहुंचाने के उद्देश्य से नृसिंह मंदिर देव पूजाई समिति द्वारा इस यात्रा में नवयुवकों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यात्रा के दौरान समिति के पदाधिकारी, देव पुजारी तथा भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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