गोपेश्वर (चमोली)। श्री नंदादेवी राजजात की मनौती के लिए छिमटा गांव के राजशिल्यिं द्वारा निर्मित छंतोली राजवंशीय कुंवरों के गांव कांसुवा पहुंच गई है। अब छंतोली गुरूवार को राजपुरोहितों के गांव नौटी पहुंचेगी।
बताते चलें कि नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए छिमटा गांव के राजशिल्यिं द्वारा तैयार की गई छंतोली आदिबद्री धाम लाई गई थी। आदिबद्री में विनोद शाह के घर छंतोली का श्रृंगार किया गया। इसके तहत छंतोली को रेशम के कपड़े, गोटे व सितारों से सुसज्जित किया गया। इसके बाद छंतोली को आदिबद्री मंदिर में रखा गया। पूजा अर्चना के पश्चात छिमटा के राज शिल्पियों द्वारा तैयार की गई छंतोली को श्रीनंदादेवी राजजात समिति के अध्यक्ष डा. राकेश कुंवर, चंद्रकिरण कुंवर, नरेंद्र कुंवर, भूपेंद्र कुंवर आदि के सुपुर्द किया गया। छंतोली को गाजेबाजों संग मांगलगीतों और शोभायात्रा के जरिए कांसुवा गांव लाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा से छंतोली की जोरदार अगवानी की। बुधवार को छंतोली को कांसुवा स्थित भराणीदेवी के प्रागंण में रख दिया गया है। गुरूवार को पूजा अर्चना के पश्चात छंतोली को कांसुवा से नौटी मंदिर ले जाया जाएगा। बसंत पंचमी के दिन पूजा अर्चना के पश्चात आगामी श्री नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए मनौती मांगी जाएगी। इसके बाद छंतोली को शैलेश्वर शिवालय में रखा जाएगा। मान्यता है कि राजवंशी कुंवर छंतोली के जरिए भगवान शंकर से राजजात का संदेश देते हैं। इसके निमित्त ही इन परंपराओं को निवर्हन अनादिकाल से किया जा रहा है।
हालांकि कांसुवा-नौटी चलने वाली 280 किमी की पैदल यात्रा को इस साल के लिए मलमास के चलते स्थगित कर दिया गया है। राजकुंवरों के अनुसार यह मनौती अगले साल के लिए होगी। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार इस परंपरा का निवर्हन करने के निमित्त ही छंतोली को शिवालय में रखा जाएगा।

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