December 6, 2022

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उत्तराखंड: इन दो एसडीएम को कारण बताओ नोटिस, जानिए पूरा मामला

हल्द्वानी: पिथौरागढ़ व चम्पावत के एसडीएम को लापरवाही बरतने पर उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग ने कारण बताओ नोटिस दिया है। दोनों अधिकारी शुक्रवार को आयोजित आयोग के जनसुनवाई कार्यक्रम से बिना बताए गैरहाजिर थे। इस पर आयोग ने दोनों अधिकारियों को 15 दिन के अंदर आयोग में उपस्थित होकर गैरहाजिर पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। जनसुनवाई के दौरान आयोग ने कुमाऊं के चार जिलों के 46 मामलों का निस्तारण भी किया।

बता दें कि, नगर निगम सभागार हल्द्वानी में शुक्रवार को अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा ने जनसुनवाई की, जिसमें भूमि से संबंधित 15 मामले, उत्पीडऩ के 10, शिक्षा के 07, मृतक आश्रित के 02, पेयजल के 02, आरक्षण के 05 आदि समेत कुल 46 मामलों की सुनवाई की। पिथौरागढ़ व चम्पावत जिले के राजस्व मामलों में अनियमितता सामने आई। इस पर जब जवाब मांगा गया तो पता चला कि पिथौरागढ़ व चम्पावत के उपजिलाधिकारी बिना कारण बताए अनुपस्थित हैं। इसे आयोग ने गंभीरता से लिया और दोनों को नोटिस जारी कर दिया।

चम्पावत जिले के अधिकारियों को आयोग के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लेने पर कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली की चेतावनी भी दी गई। वहीं, रामनगर के मोहान विद्यालय में प्रधानाध्यापक द्वारा नियमविरुद्ध भोजनमाता की नियुक्ति को लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल को 10 दिन में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बागेश्वर जिले के गिरीश चंद्र के परिवार को पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश जल निगम बागेश्वर को दिए गए। आयोग के सुनवाई के दौरान विधि सलाहकार देव सिंह, कनिष्ठ सहायक मनीष सेमवाल, तहसीलदार संजय कुमार, सहायक समाज कल्याण अधिकारी राहुल आर्य, नरेश कुमार, योगेंद्र रावत, दयाल चंद्र व शिकायतकर्ता मौजूद रहे।

कुछ प्रमुख आदेश

• एससी जाति के व्यक्ति नरेंद्र कुमार की जमीन सामान्य वर्ग को बेचने के मामले में आयोग ने एसडीएम नैनीताल से एक सप्ताह में आख्या मांगी है।

•  वर्ष, 2016 में पिथौरागढ़ जिले में ग्राम सोड लेख में एससी वर्ग के व्यक्ति को उसकी जमीन से बेदखल करने के लिए सामान्य वर्ग के व्यक्ति को जमीन बेचने का आदेश पारित करने का आरोप लगाया गया है। आयोग ने अग्रिम निर्णय तक दाखिल-खारिज पर रोक लगाई है।

•  नैनीताल जिले के कैंची ग्राम में वर्ष 1975 से काबिज भूतपूर्व सैनिक पूरन राम की जमीन जिस पर फलदार वृक्ष भी लगे हुए हैं, वह बिना परीक्षण किए कार पार्किंग बनाए जाने के लिए पर्यटन विभाग के नाम भूमि स्थानांतरण की शिकायत की गई है। आयोग ने तहसील कोश्याकुटौली को एक सप्ताह में रिपोर्ट में देने और मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।

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