जोशीमठ/बद्रीनाथ। सीमांत जनपद चमोली के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुदरत के कड़े तेवरों और बीते बुधवार से जारी मूसलाधार बर्फबारी के चलते प्रशासन ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया है। भू-बैकुंठ बद्रीनाथ धाम में वर्तमान में तीन फीट से अधिक बर्फ जम जाने और कड़ाके की ठंड के कारण मास्टर प्लान के पुनर्निर्माण कार्यों में जुटे 100 से अधिक इंजीनियरों, कर्मचारियों और श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। जोशीमठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से कच्चे भवनों या टेंटों में रह रहे मजदूरों को तत्काल पांडुकेश्वर, गोविंदघाट और जोशीमठ वापस बुला लिया गया है, जबकि पक्के आवासों में रहने वालों को वहीं ठहरने की हिदायत दी गई है। लगातार खराब हो रहे मौसम और भारी हिमपात को देखते हुए प्रशासन ने बद्रीनाथ धाम जाने वाली सभी अनुमतियों पर फिलहाल पूर्णतः रोक लगा दी है। एसडीएम के अनुसार, मौसम सामान्य होने और बर्फबारी थमने के बाद ही आवाजाही और निर्माण कार्यों की समीक्षा कर अनुमति प्रदान की जाएगी।

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