टिहरी : गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को जनसंख्या के आधार पर पेयजल की बढ़ती मांग का आकलन प्रस्तुत करने तथा फ्लोटिंग पॉपुलेशन के लिए भी पृथक प्रोजेक्शन तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने तकनीकी परीक्षण हेतु एक समिति गठित कर उसकी संस्तुति के उपरांत प्रकरण को जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
जल जीवन मिशन की टीम द्वारा पीपीटी के माध्यम से 14 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति योजनाओं के पुनर्जीवन की जानकारी दी गई। प्रस्तुतीकरण में ग्रामवार वर्तमान जल स्रोतों की स्थिति से अवगत कराते हुए मौजूदा जलापूर्ति प्रणालियों में सुधार हेतु गदेरे के नवीनीकरण, भंडारण क्षमता में वृद्धि, इंस्ट्रूमेंटेशन कार्य, क्लोरीनेशन सिस्टम, भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण आदि प्रस्तावित कार्यों पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही प्रस्तावित नलकूप स्थलों पर रेसिस्टिविटी सर्वे के लिए चयनित स्थानों की जानकारी भी साझा की गई।
बैठक में हंस फाउंडेशन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए अपूर्ण कार्यों एवं प्राप्त शिकायतों पर भी विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस बैठक में सीडीओ वरुणा अग्रवाल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम संदीप कश्यप, अधिशासी अभियंता जल संस्थान वी सी रमोला, ईई पेयजल चंबा के एन सेमवाल, ईई प्रशांत भारद्वाज, ईई देवप्रयाग नरेश पाल सिंह, अनूप कुमार ड्यूंडी, एडीपीआरओ ऋषिराम उनियाल, यूटीडीबी से काशीनाथ, आशीष, अनिरुद्ध, सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।

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