पोखरी (चमोली)। चमोली जिले के पोखरी स्थित उद्यान विभाग का मुख्य भवन पुनर्निर्माण की बाट जोह रहा है। पोखरी में 1960 के दशक में बना उद्यान विभाग का अस्तित्व के लिए छटपटा रहा है। भवन के जर्जर होने के चलते स्टोर तथा आवासीय कमरों को खतरा बना हुआ है। लगातार आग्रह के बावजूद भी भवन पुनर्निर्माण की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जा रहे है। मुख्य भवन पर भी खतरा बना हुआ है। इस तरह विभागीय लापरवाही के चलते इस भवन के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे है। गांवों तथा नगरीय क्षेत्र में उद्यानीकरण को बढ़ावा देने के लिए बना यह भवन पुनर्निर्माण की बाट जोह रहा है। उद्यान विभाग द्वारा यहीं से फसलों के बीज भी उपलब्ध कराए जाते है। कीटनाशक दवाईयों के साथ ही संयत्र भी काश्तकारों को यहीं से वितरित किए जाते है। भवन के जर्जर होने के चलते हर समय खतरा मंडराने लोग भवन की ओर जाने से हिचक रहे है।
उद्यान प्रभारी मनोज पुंडीर का कहना है कि उच्चाधिकारियों के माध्यम से भवन पुनर्निर्माण की डीपीआर शासन को भेजी गई। शासन से स्वीकृति मिलते ही भवन के निर्माण की कवायद शुरू कर दी जाएगी। नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, निवर्तमान क्षेत्र पंचायत प्रमुख प्रीती भंडारी, निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, ब्यापार मंडल के अध्यक्ष बीरेंद्र राणा, पूर्व प्रमुख नरेंद्र रावत, मंगल सिंह नेगी, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत, संतोष चौधरी, राज्य आंदोलनकारी संगठन के ब्लाक अध्यक्ष कुंवर सिंह खत्री, महिधर पंत, राज्य महिला आयोग की सदस्य वत्सला सती, कुंवर सिंह चौधरी, जितेन्द्र सती, रमेश चौधरी, भाजपा के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र पाल सिंह भंडारी, आनन्द सिंह राणा समेत तमाम जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर उद्यान विभाग के मुख्य भवन, स्टोर तथा आवासीय भवन के पुनर्निर्माण की मांग की है।

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