गोपेश्वर (चमोली)। हिमालय में इस साल आयोजित होने वाली श्री नंदादेवी राजजात यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। अब अगले साल नंदा राजजात के लिए मनौती मांगी जाएगी।
श्री नंदादेवी राजजात समिति के अध्यक्ष कुंवर डा. राकेश सिंह ने इस आशय की घोषणा कर्णप्रयाग में पत्रकारों से बातचीत में की। उन्होंने कहा कि इस साल आयोजित होने वाली यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। बताया कि अगले साल 2027 में नंदा राजजात आयोजित करने के लिए मनौती मांगी जाएगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि विधिवत घोषणा 23 जनवरी को मनौती कार्यक्रम में की जाएगी। बताया कि हिमालय में आयोजित होने वाली इस यात्रा का मुहूर्त 19-20 सितम्बर को पड़ रहा है। हिमालय में इस दौरान ओलावृष्टि, बर्फवारी तथा बारिश की आशंका के चलते ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है। डा. राकेश कुंवर ने बताया कि अभी तक निर्जन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से संबंधित निर्माण कार्य भी नहीं हो पाए हैं। इसलिए इस तरह की दिक्कतों को देखते हुए निर्जन हिमालयी क्षेत्र में नंदा राजजात यात्रा को सुरक्षित करना संभव नहीं है। इसलिए अगले साल यानि 2027 में यात्रा के लिए मनौती मांगी जाएगी।
नंदादेवी राजजात यात्रा समिति के महामंत्री भुवन नौटियाल ने कहा कि हिमालयी सचल महाकुंभ नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए कुंभ प्राधिकरण की तर्ज पर नंदा राजजात प्राधिकरण बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे छोटी (लोकजात) अथवा बड़ी जात (राजजात) के लिए बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए। नंदा देवी से संबंधित तमाम मेलों के आयोजन और राजजात यात्रा को संपादित करने के लिए बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने का काम प्राधिकरण के जरिए ही होना चाहिए। उनका कहना था कि नंदा राजजात यात्रा संचालित करने के लिए धार्मिक अनुष्ठान से संबंधित कार्यों का संपादन गढ़वाल के राजवंशी कांसुवा के कुंवरों के जरिए ही संचालित होने चाहिए। इसमें प्राधिकरण का हस्तक्षेप नहीं रहेगा। इस तरह इस साल आयोजित होने वाली नंदा राजजात यात्रा का भी एक तरह पटाक्षेप हो गया है। यह अलग बात है कि नंदा सिद्धपीठ कुरूड की समिति इस घोषणा को किस रूप में लेती है। फिलहाल नंदा राजजात समिति नौटी की घोषणा से सरकार को राहत मिलती दिख रही है। वैसे भी नंदा देवी राजजात को लेकर नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ तथा नौटी पर विवाद चल रहा था।
इस दौरान जय विक्रम सिंह कुंवर, सुशील रावत, महानंद मैठाणी, भुवन हटवाल, पृथ्वी सिंह रावत, डीडी कुनियाल, विजेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
इस कारण लेना पड़ा स्थगन का निर्णय
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार तथा श्री नंदादेवी राजजात यात्रा मार्ग अध्ययन दल के पत्र एवं रिपोर्ट पर श्री नंदादेवी राजजात समिति की बैठक में व्यापक विचार विमर्श हुआ। समिति के सदस्यों का भी मत था कि मलमास से पर्वों के पीछे जाने के कारण नंदा नवमी 20 सितम्बर 2026 को आ रही है। इस दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र में तीर्थयात्रियों के जीवन को देखते हुए यात्रा जोखिमपूर्ण रहेगी। समिति ने बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि प्रस्तावित 2026 की नंदादेवी राजजात यात्रा को आयोजन इस तरह की परिस्थितियों में संभव नहीं है। आगामी बसंत पंचमी यानि 23 जनवरी को गढ़वाल के राजवंशी कांसुवा गांव के राजकुंवर श्री नंदादेवी मंदिर में नंदा राजजात की मनौती करेंगे और ज्योतिष गणना के अनुसार आगे के कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। चूंकि 2026 की यात्रा के मुहूर्त की अनुष्ठानिक घोषणा नहीं थी और सामान्यतया यह प्रस्तावित थी। इसी तरह 2012 में भी प्रस्तावित यात्रा को मलमास के कारण आयोजित नहीं किया गया था। तीर्थयात्रियों के जीवन की रक्षा और विश्व कल्याण के निमित्त यह फैसला लेना पड़ा।

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