18 January 2026

विभागों में वाहन लगाने का झांसा देने वाला गिरफ्तार

गोपेश्वर (चमोली)। ज्योतिर्मठ पुलिस ने सरकारी दफ्तर में वाहन लगाने का झांसा देने वाले आरोपी को जयपुर से धर दबोचा है। पुलिस ने वाहन ठग से कई वाहनों की आरसी भी बरामद की है। पांडुकेश्वर निवासी रूपेश पंवार ने 24 नवंबर को कोतवाली ज्योतिर्मठ में तहरीर दी थी कि वह गोविंदघाट क्षेत्र में शिवम टूर एंड ट्रेवल्स नाम से वाहन बुकिंग का कार्य करता है। वादी ने बताया कि ऋषिकेश से संचालित बद्री-केदार टूर एंड ट्रेवल्स का मालिक पिछले कुछ समय से उसके संपर्क में था। उसने सरकारी कार्यालय में वाहन लगाने का झांसा देकर उसके भाई के नाम पर पंजीकृत वाहन (यूके 07डीडी 1414) इनोवा क्रिस्टा को 42,000 रुपये प्रतिमाह पर टिहरी स्थित एडीएम कार्यालय में लगाने का आश्वासन दिया। करीब 1 वर्ष से अधिक समय से आरोपी वाहन को ज्योतिर्मठ से ले गया, लेकिन न तो वाहन एडीएम कार्यालय में लगाया गया और न ही वापस किया गया। इसके बाद आरोपी लगातार नए-नए बहाने बनाकर वाहन स्वामी को गुमराह करता रहा। तहरीर के आधार पर कोतवाली ज्योतिर्मठ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने ठगी के इस प्रकरण को तत्काल संज्ञान लेकर विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र रावत के नेतृत्व में टीम ने अपराधी का पीछा शुरू किया। पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस और पतारसी-सुरागरसी के जरिए अभियुक्त का पीछा किया। शातिर ठग पुलिस को छकाने के लिए ठिकाने बदलता रहा। टीम ने पहले मथुरा और वृन्दावन में छापेमारी की, लेकिन अभियुक्त वहां से निकल चुका था। अंततः तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम जयपुर पहुंची और घेराबंदी कर टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग थाना क्षेत्र के अमसारी गांव निवासी प्रवीण सिंह को धर दबोचा।

 पूछताछ के दौरान प्रवीण सिंह ने कबूला कि वह भोली-भाली जनता और वाहन स्वामियों को विश्वास में लेकर उनकी गाड़ियाँ सरकारी विभागों में लगवाने का झांसा देता था। इसके बाद वह उन गाड़ियों को खुद बुकिंग पर चलाकर मोटी कमाई करता था और काम निकल जाने पर या पकड़े जाने के डर से गाड़ी कहीं भी लावारिस छोड़कर फरार हो जाता था। बरामद आरसी इस बात का सबूत हैं कि वह कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बना चुका है। बताया कि वह इनोवा क्रिस्टा वाहन को  स्वयं सवारी बुकिंग में चला रहा था और वाहन स्वामी को लगातार भ्रम में रख रहा था।