देहरादून : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हुए एक साल पूरे होने वाले हैं। 27 जनवरी 2025 को राज्य में UCC की शुरुआत हुई थी, और अब 27 जनवरी 2026 को यह ऐतिहासिक कदम अपना पहला साल पूरा करेगा। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, UCC लागू होने के बाद अब तक 4 लाख 74 हजार 447 से अधिक विवाहों का ऑनलाइन पंजीकरण हो चुका है (19 जनवरी 2026 तक के आंकड़े)।
पहले की तुलना में यह संख्या काफी अधिक है, क्योंकि अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है – आवेदक घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और औसतन सिर्फ 5 दिनों में प्रमाण-पत्र मिल जाता है। पहले ऑफलाइन सिस्टम में औसतन रोजाना सिर्फ 67 रजिस्ट्रेशन होते थे, जबकि अब यह संख्या रोजाना 1,400 के करीब पहुंच गई है।
इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप के लिए 68 जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि 2 जोड़ों ने लिव-इन संबंध समाप्त करने के लिए भी प्रमाण-पत्र प्राप्त किए हैं। विवाह विच्छेद (तलाक) के लिए 316 आवेदन प्रक्रिया में शामिल हैं। कुल मिलाकर विभिन्न सेवाओं (विवाह, तलाक, वसीयत, लिव-इन आदि) के लिए 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि UCC ने महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकारों की सुरक्षा और नागरिकों में समानता स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य ने अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल पेश की है।
सरकार का दावा है कि UCC पोर्टल पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण निजता के उल्लंघन की एक भी शिकायत नहीं आई है। लगभग 100% आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से हो रहे हैं, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनी हुई है।

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