27 February 2026

वर्षों पुरानी और लंबित मांग को लेकर एक बार फिर ​पैनखण्डा समुदाय का हुंकार

​ज्योतिर्मठ : सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ के पैनखण्डा समुदाय ने अपनी वर्षों पुरानी और लंबित मांग को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को पैनखण्डा संघर्ष समिति ज्योतिर्मठ के नेतृत्व में समुदाय के हजारों लोगों ने सड़क पर उतरकर हुंकार भरी। राष्ट्रीय इंटर कॉलेज जोशीमठ से शुरू होकर मारवाड़ी चौक तक निकाली गई इस विशाल जन आक्रोश रैली में राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का एक ही स्वर में कहना था कि पैनखण्डा क्षेत्र को तत्काल केंद्रीय ओबीसी (OBC) सूची में शामिल कर 27% आरक्षण का लाभ दिया जाए।

​आंदोलनकारियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर कहा कि 2017 मे पैनखण्डा समुदाय को राज्य की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल किया था। लेकिन विडंबना यह है कि 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार की सूची में इस समुदाय को स्थान नहीं मिल सका है। इसके चलते क्षेत्र के प्रतिभावान युवा केंद्रीय सेवाओं, अखिल भारतीय नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में मिलने वाले आरक्षण के लाभ से पूरी तरह वंचित हैं। जनप्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि सीमांत क्षेत्र की कठिन भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के बावजूद इस समुदाय के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।


​पैनखण्डा संघर्ष समिति ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उत्तराखंड शासन द्वारा केंद्र को ठोस प्रस्ताव भेजकर सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होगी। समिति ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में होने वाले किसी भी आंदोलन और उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर पाना उनका संवैधानिक अधिकार है, जिसे वे अब लेकर रहेंगे।


​इस विशाल प्रदर्शन में क्षेत्र के तमाम दिग्गज नेता और सामाजिक कार्यकर्ता एकजुट नजर आए। रैली और सभा में मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष जोशीमठ श्रीमती देवेश्वरी शाह, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अमित सती, पैनखण्डा संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कुँवर सभासद प्रवेश डिमरी, सभासद प्रदीप भट्ट, सभासद सुशील पंवार और सभासद श्रीमती ललिता देवी मौजूद रहीं। इसके अलावा उर्गम की ग्राम प्रधान दीपा देवी, आरती उनियाल, चेतना डिमरी, सुमेधा भट्ट, श्रीमती मीना डिमरी, सुषमा डिमरी, सुभाष डिमरी, संदीप नौटियाल, श्री रमेश चंद्र डिमरी और भगवती प्रसाद नंबुद्री सहित सैकड़ों लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।