16 February 2026

वन पंचायत सरपंचों की समस्याओं का होगा निराकरण – डीएम गौरव कुमार

गोपेश्वर : चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जनपद में 304 वन पंचायत सरपंचों के चुनाव जल्द कराने पर जोर दिया है। कहा कि वन पंचायत सरपंचों की समस्याओं का भी तत्काल निस्तारण होगा। जनपद के सरपंचों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने उप जिलाधिकारियों को वन विभाग से समन्वय बनाते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में वन पंचायतों के चुनाव को तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों में अतिक्रमण रोकने के लिए समय-समय पर अभियान संचालित किए जाने चाहिए।

इस दौरान बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे ने सरपंचों की विभिन्न मांगों  एवं विभाग से संबंधित जानकारी बैठक में रखी। बताया कि वन प्रभागों की ओर से अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक बंदरों का बधियाकरण के लिए 2700 के  लक्ष्य के सापेक्ष 1703 बंदरों को बधियाकरण करने को हरिद्वार  भेजा  गया। मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं से संबंधित लोगों को भुगतान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि चमोली जिले में 852 वन पंचायतें कार्यरत हैं। इनमें 304 वन पंचायतों में चुनाव होने हैं। वनाग्नि रोकने को प्रभावी पहल अभी से की जा रही है।

बैठक में सरपंचों ने वन पंचायत से संबंधित कार्यों, वनाग्नि काल में फायर मैन की नियुक्ति, मानदेय बढ़ोत्तरी, वनाग्नि अवरोध समिति का अध्यक्ष वन पंचायत सरपंच को ही नियुक्त करने, पंचायत सरपंचों को भौगोलिक आधार पर सोलर लाइट उपलब्ध कराने, वन  पंचायतो के माइक्रो प्लान शीघ्र  वनाग्नि से  सुरक्षा को मैन पावर बढ़ाने की मांग रखी गई। इस डीएम गौरव कुमार ने बदरीनाथ, केदारनाथ, अलकनंदा, नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारियों को वन पंचायत नियमावली के तहत सरपंचों को दी जाने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने साल में दो बार सरपंचों के साथ बैठक करने को भी कहा।  इस दौरान थराली के एसडीएम पंकज भट्ट एवं संबंधित एसडीओ, सरपंच और एसडीएम ऑनलाइन माध्यम से जुडे रहे।