ज्योतिर्मठ (जोशीमठ)। नगर पालिका क्षेत्र ज्योतिर्मठ में आपदा अधिनियम की अनदेखी कर जारी निर्माण कार्यों को लेकर कांग्रेस नेता कमल रतूड़ी ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के भीषण भू-धंसाव के बाद जहां आम नागरिक अपने क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत तक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं आईटीबीपी और सेना जैसे सरकारी विभागों द्वारा नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
कमल रतूड़ी ने कहा कि ज्योतिर्मठ की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए नौ वैज्ञानिक संस्थाओं की रिपोर्ट में नगर की भार क्षमता कम करने और पक्के निर्माणों पर पूर्ण रोक लगाने की स्पष्ट सिफारिश की गई थी, लेकिन इसके बावजूद भारी निर्माण कार्य जारी रहना चिंताजनक है।
उन्होंने प्रशासन की चुप्पी पर नाराज़गी जताते हुए मांग की कि ज्योतिर्मठ में चल रहे सभी सरकारी निर्माण कार्यों की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य केवल वैज्ञानिक मानकों और निर्धारित भार क्षमता के अनुरूप ही किया जाए, ताकि नगर को दोबारा किसी बड़े खतरे की ओर न धकेला जाए।

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