गोपेश्वर (चमोली)। चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात उच्च हिमालय में स्थित भगवान रूद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को धार्मिक रीति रिवाजों के बीच श्रद्धालुओं के दर्शनों को खोल दिए जाएंगे।
बसंत पंचमी के अवसर पर गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर परिसर में पंचांग गणना के बाद रूद्रनाथ मंदिर के कपाट खोलने की घोषणा की गई। भगवान रूद्रनाथ के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने इस आशय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि रूद्रनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पूर्व गोपीनाथ मंदिर से देवडोली मंदिर परिसर में आएगी। इसके बाद दो दिनों तक पूजा अर्चना के पश्चात देवडोली गोपेश्वर से गंगोलगांव, सगर, ग्वाड होते हुए रूद्रनाथ को रवाना होगी। 17 मई को देवडोली रूद्रनाथ मंदिर पहुंचेगी और 18 मई को धार्मिक रीति रिवाजों के बीच मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
बताते चलें कि कपाट बंद होने के बाद भगवान रूद्रनाथ छह माह गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में प्रवास करते हैं। ग्रीष्मकाल में छह माह भगवान रूद्रनाथ की पूजा उच्च हिमालय में स्थित रूद्रनाथ मंदिर में होती है। इसी के चलते 18 मई से भगवान की पूर्जा अर्चना रूद्रनाथ मंदिर में होगी। इसी दौरान तमाम श्रद्धालु भी भगवान रूद्रनाथ के दर्शनों को उच्च हिमालय में स्थित मंदिर में पहुंचते हैं। इस दौरान किशन सिंह बिष्ट, मनोज भट्ट, जर्नादन भट्ट, बंशी प्रसाद भट्ट, अमित रावत, वेदप्रकाश भट्ट आदि मौजूद रहे।

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