3 April 2026

नौकरी से बिजनेस वूमेन बनने तक का सफर : टिशा कटारिया ने मेहनत और हिम्मत से बनाई सोलर सेक्टर में पहचान

  • संघर्ष से सफलता तक : 03 हजार की नौकरी से सोलर सेक्टर की सफल बिजनेस वूमेन बनीं टिशा कटारिया

दिल्ली : किसी भी व्यक्ति के जीवन में सफलता का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन दृढ़ निश्चय, लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। इसी का उदाहरण हैं टिशा कटारिया, जिन्होंने महज 3 हजार रुपये की नौकरी से अपने करियर की शुरुआत की और आज सोलर सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाने वाली सफल बिजनेस वूमेन के रूप में उभरी हैं। कड़ी मेहनत, संघर्ष और चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने पीआर प्रोफेशन से आगे बढ़कर नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपना नाम स्थापित किया है।

संघर्ष भरी शुरुआत से सफलता की ओर कदम

टिशा कटारिया का प्रोफेशनल सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मात्र 3 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी से की। शुरुआती दौर में सीमित संसाधन और कई चुनौतियाँ उनके सामने थीं, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय लगातार सीखने और आगे बढ़ने का रास्ता चुना। मेहनत और लगन के साथ उन्होंने अपने करियर में लगातार प्रगति की और धीरे-धीरे 50 हजार रुपये प्रतिमाह तक की नौकरी तक पहुंचीं। हालांकि, टिशा कटारिया का सपना सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं था। वह अपने अनुभव और क्षमता के बल पर कुछ नया और बड़ा करना चाहती थीं। इसी सोच के साथ उन्होंने सुरक्षित नौकरी छोड़कर उद्यमिता की राह चुनने का साहसिक निर्णय लिया।

पीआर प्रोफेशन से मिली पहचान और अनुभव

टिशा कटारिया ने अपने करियर की शुरुआत पीआर (पब्लिक रिलेशन) क्षेत्र से की। इस दौरान उन्होंने कई प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ काम करते हुए कॉर्पोरेट जगत का गहन अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने पीआर कंपनी, होम ऑटोमेशन कंपनी, इंटीरियर डिजाइनिंग कंपनी और डिजिटल मार्केटिंग कंपनी में कार्य करते हुए विभिन्न क्षेत्रों की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। इन संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने न केवल मजबूत प्रोफेशनल नेटवर्क तैयार किया, बल्कि बिजनेस मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन की बारीकियों को भी सीखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके उद्यमिता के सफर की मजबूत नींव बना।

सोलर सेक्टर में बनाई अलग पहचान

अपने अनुभव और दूरदर्शिता के बल पर टिशा कटारिया ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रखा और सोलर सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की। उन्होंने देश के सबसे बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स में से एक, अदाणी समूह के विशाल सोलर प्रोजेक्ट में भी कार्य किया है। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गुजरात के खावड़ा क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये बताई जाती है। यह परियोजना विश्व के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क के रूप में विकसित की जा रही है, जो लगभग 726 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस प्रोजेक्ट को अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा के माध्यम से लगभग 30 गीगावाट बिजली उत्पादन की योजना है। इतने बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट से जुड़ना टिशा कटारिया के पेशेवर जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा सकती है, जिसने उन्हें सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाई।

खुद की कंपनी की स्थापना

कई वर्षों के अनुभव और सीख के बाद टिशा कटारिया ने “कल्याणभ ग्लोबल साथी प्राइवेट लिमिटेड” नाम से अपनी कंपनी की स्थापना की। यह कंपनी सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रसार में योगदान दे रही है। उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और गोवा सहित देश के विभिन्न राज्यों में सोलर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। तेजी से बढ़ते सोलर सेक्टर में उनकी कंपनी अपनी अलग पहचान बना रही है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।

महिलाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण

टिशा कटारिया का सफर उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणादायी है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। तीन हजार रुपये की छोटी सी नौकरी से शुरू हुआ उनका यह सफर आज एक सफल बिजनेस वूमेन की पहचान तक पहुंच चुका है।