नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के स्थलीय निरीक्षण और जनता को संबोधन के दौरान एक चौंकाने वाली घटना ने सबको हैरान कर दिया। बांध स्थल के ठीक ऊपर पहाड़ी जंगल में अचानक आग लग गई और लपटें साफ नजर आने लगीं। इस दौरान सीएम धामी खुद मौके पर मौजूद थे और स्थानीय लोगों को संबोधित कर रहे थे।
आग की लपटें देखते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जंगलों में आग हमारे लिए बड़ी चुनौती है। इसको रोकने के लिए हम पूरी तरह अलर्ट पर हैं। पहाड़ के लिए वनाग्नि चुनौती जरूर है, जिसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें और ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करें।”
उत्तराखंड में इस बार सर्दियों के मौसम में भी जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो सामान्यतः गर्मियों में ज्यादा देखी जाती हैं। वन विभाग आग पर काबू पाने का दावा तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 3678 करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण परियोजना के दोनों टनल और अस्थायी कॉफर डैम का निर्माण कार्य जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। यह परियोजना तराई क्षेत्र सहित स्थानीय लोगों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

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