December 8, 2022

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पत्नी के साथ गांव से शहर आया युवक का जब नहीं हुआ गुजर-बसर तो अपनाया चोरी की रास्ता, जीजा-साला 22 लाख रूपये के साथ गिरफ्तार

ऋषिकेश: उत्तराखंड में पहाड़ी जिले से शहर में रोजगार के लिए आए युवक ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर एक कंपनी कार्यालय से लाखों रुपए की चोरी कर डाली। एसओजी देहात और ऋषिकेश पुलिस की संयुक्त टीम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय से रुपये चोरी करने  वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। साथ ही इनके कब्जे से चोरी के 22 लाख रूपये नकद और घटना में प्रयुक्त 02 गरम चादर, 01 हथोड़ी व एक सूत की रस्सी भी बरामद की है।

मामले के अनुसार, 25 नवंबर 2021 को कोतवाली ऋषिकेश में शिकायतकर्ता दीपक जुगलान पुत्र स्वर्गीय सत्य प्रसाद जुगलान निवासी श्यामपुर ऋषिकेश ने एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसके अनुसार मैसर्स एस.एस. कंस्ट्रक्शन कंपनी श्यामपुर के कार्यालय का शीशा व दरवाजा तोड़कर अलमारी के अंदर रखे 30 लाख 33 हजार रुपये अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चोरी कर लिए गए।

इस शिकायत पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 552/21, धारा 380/457 आई.पी.सी बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया। साथ ही घटना की जानकारी उच्च अधिकारी गणों को देते हुए विवेचना शुरू की गई।

लाखों रुपए की चोरी की घटना के संबंध में पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG)/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जनपद देहरादून द्वारा तत्काल मुकदमे के सफल अनावरण व अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर, शत प्रतिशत माल की बरामदगी हेतु आदेश दिए गए। आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक देहात व क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश व एसओजी प्रभारी देहात के निर्देशन में 04 पुलिस टीम (03 वर्दी व एक सादा वस्त्रों में) गठित की गई।

गठित पुलिस टीम ने जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे घरों संस्थानों दुकानों आदि के 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से निरीक्षण किया। जनपद देहरादून में इस प्रकार की चोरी में संलिप्त जेल गए व जेल से बाहर आए 22 अभियुक्तों का सत्यापन कर जानकारी हासिल की। सीसीटीवी से प्राप्त फोटो एवं वीडियो को सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य जनपदों में प्रचार प्रसार किया। सीसीटीवी से प्राप्त फोटो एवं वीडियो को सादे वस्त्रों में गठित पुलिस टीम व मुखबिर तंत्र को देकर जानकारी हासिल की।

उच्च कोटि की पतारसी सुरागसी, सीसीटीवी के बारीकी निरीक्षण, अभियुक्तों का सत्यापन, व मुखबिर तंत्र की सहायता से गठित पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक 29 नवंबर को मुकदमे से संबंधित तलाशी के दौरान मुखबिर की सूचना पर भट्टोवाला तिराहा, श्यामपुर ऋषिकेश के पास से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से मौके पर एक बैग में 22 लाख रुपये, 02 गरम चादर, 01 हथोड़ी व एक सूत की रस्सी बरामद हुई है।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम और पते:

1- दिनेश रावत उम्र 24 वर्ष, पुत्र सत्यपाल सिंह रावत निवासी ग्राम हटनाली बनगांव, पो0ओ0 बनगांव, पटवारी क्षेत्र बनगांव, पट्टी दसगी, तहसील चिन्यालीसौड़ जिला उत्तरकाशी।

2- पंकज पंवार उम्र 21, पुत्र शरद सिंह पंवार निवासी ग्राम इन्द्रा टिपरी, पो0ओ0 टिपरी, पट्टी बिष्ट, थाना धरांसू, तहसील चिन्यालीसौड़ जिला उत्तरकाशी।

पूछताछ विवरण:

पूछताछ में अभियुक्त दिनेश रावत ने बताया कि, मैंने जनवरी 2021 से अगस्त 2021 तक इस कन्सट्रक्शन कम्पनी में आफिस ब्वाय का काम किया। इस दौरान मैं बैंक में रूपये जमा करना, निकला, इधर उधर से पेमेन्ट एकत्रित कर एकाउन्टेन्ट के पास जमा कराता था, जिस कारण मुझे आफिस में रूपयो को रखने की जगह व कितने रूपये प्रतिदिन आते जाते हैं, इसकी पूरी जानकारी थी। वर्तमान मे मैं चाउमीन व मोमो की ठेली ऑफिस के बाहर ही मुख्य सड़क पर लगा रहा था, जिससे मेरा गुजर बसर नही हो पा रहा था। जिस कारण मैने आफिस में चोरी की योजना बनायी और इस योजना में मैने अपने साथ अपने रिश्ते के साले पंकज को भी शामिल किया, जो हरिद्वार में एक रेस्टोरेन्ट में काम करता था।

उसने बताया कि योजना के मुताबिक 23 नवंबर को सांय के समय पंकज मेरे पास श्यामपुर पंहुच गया। जिसे मैने आने जाने का रास्ता व ऑफिस दिखाया। रात्रि के समय मैने अपनी पत्नी को कहा कि, हम दोनो पार्टी में जा रहे हैं रात्रि में देर में आयेगें, तुम लोग सो जाना। इसके बाद हम दोनो अपने साथ एक एक गर्म चद्दर, रस्सी व हथोड़ी सामान लेकर कॉम्पलेक्स के रास्ते छत पर पहुंचे और वहां से सीढ़ीयों के रास्ते नीचे उतरे। हमने मेन दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरे को पीछे से ढक दिया और छत पर जाकर ग्रिल से रस्से को बांध दिया व नीचे की तरफ लटका दिया। उसी के सहारे पहले मैं खिड़की की तरफ लटका व खिड़की की बीडिगं निकालकर कांच को धीरे से निकालने लगा, जो मेरे हाथ से फिसल गया व नीचे गिरकर चूर-चूर हो गया जिससे तेज आवाज भी हुई, जिसके डर के हम दोनो वहां से छत पर जाकर एक कोने में छिप गये। काफी समय बाद पुनः हम वहीं आये तो हमें कोई जागता हुआ नही दिखाई दिया। जिस पर मैं पुनः रस्सी के सहारे नीचे उतरा और कम्बल ओड़कर एकाउन्टेन्ट के केबिन की तरफ बढा। थोड़ी ही देर में मेरा साला पंकज भी रस्से के सहारे नीचे व अन्दर आ गया। जहां पर हमने एकाउन्टेन्ट के केबिन का कांच का दरवाजा हथोड़े से तोड़कर दराज में रखी 500 व 2000 रूपये के नोटो की गड्डियां निकालकर वहीं रखे एक काले रंग के बैग में भर ली।

अभियुक्त ने आगे पूछताछ में बताया कि, इसके बाद हमने बगल वाले केबिन का कांच का दरवाजा तोड़ा और वहां पर भी दराज में रखे लगभग पचास हजार रूपये बैग में भरकर वहां से उसी रास्ते वापस आ गये। कॉम्पलेक्स से नीचे आकर हम लोग रेलवे पटरी से होकर अपने कमरे की पीछे की तरफ आये और रूपयों से भरा बैग व रस्सा, कम्बल व हथोडे को छिपा दिया। बैग में से 8-10 हजार रूपयों को हमने अपने खर्चे के लिये निकाला व आपस में बांट दिया और शेष रूपयो को हमने उसी बैग में रखकर अपने कमरे में छिपा दिया था। इसके बाद पंकज हरिद्वार चला गया व मैं अपने कमरे में ही रूक गया।

अभियुक्त ने बताया कि, चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस आस पास घूम रही थी, जिससे मैं डर गया और 26 नवम्बर को मैं अपने परिवार को लेकर अपने गांव आ गया। 27 नवम्बर को पंकज भी मेरे ही पास आ गया। आज हम दोनो चोरी के रूपयो को लेने वापस आये व चोरी के इन रूपयो में से मैने अपने पास 15 लाख रूपये रखे और पंकज को 7 लाख रूपये दिये। इन्हे लेकर जैसे ही हम लोग वापस गांव के लिये जा रहे थे कि पुलिस ने पकड़ लिया। हम अपने साथ दोनो रस्से, कम्बल व हथोडा को इसलिये लेकर जा रहे थे ताकि पुलिस को हमारे घर व आस-पास चौकिंग के दौरान यह सामान न मिल पाये।

पुलिस टीम कोतवाली ऋषिकेश:

1- रवि सैनी  (प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश)
2- डी0पी0 काला (वरिष्ठ उप निरीक्षक ऋषिकेश)
3- उप नि० राम नरेश शर्मा (चौकी प्रभारी श्यामपुर)
4- उप नि० जगदंबा प्रसाद
4- आरक्षी सचिन सैनी
5- आरक्षी संदीप छाबड़ी
6- आरक्षी अनित कुमार
7- आरक्षी शीशपाल
8- आरक्षी नीरज
9- आरक्षी सतेन्द्र कठैत
10- आरक्षी संतोष
11- आरक्षी लाखन
12- आरक्षी गब्बर सिंह
13- चालक जितेंद्र

एस0ओ0जी0 देहात टीम

1- ओम कांत भूषण (प्रभारी एसओजी देहात)
2- आरक्षी नवनीत नेगी
3- आरक्षी कमल जोशी
4- आरक्षी सोनी कुमार
5- आरक्षी मनोज कुमार

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